Hanuman Chalisa

तीसरा विश्वयुद्ध है Corona, अधिकारी के बयान के बाद बढ़ी दहशत

सुरेश एस डुग्गर
सोमवार, 23 मार्च 2020 (16:33 IST)
जम्मू। अपनी तरह के पहले मामले में कश्मीर पुलिस लोगों को घरों के भीतर रहने की खातिर ड्रोन से ऑडियो अपील का सहारा ले रही है। जबकि जम्मू में संदिग्धों की बढ़ती संख्या के बीच क्वारंटाइन केंद्रों की संख्या को बढ़ाने से दहशत का माहौल है। यह दहशत श्रीनगर के उपायुक्त द्वारा इसे तीसरा विश्व युद्ध निरूपित करने के कारण भी है। फिलहाल पूरे जम्मू कश्मीर और लद्दाख में लॉकडाउन जारी था।

जम्मू में बढ़ रही संदिग्धों की संख्या को देखते हुए क्वारंटाइन केंद्रों की संख्या 12 कर दी गई है। इनमें 1255 लोगों को रखने की क्षमता है। प्रशासन ने पहले तीन क्वारांटाइन केंद्र बनाए थे। इनमें जम्मू के भगवती नगर में स्थित यात्री निवास, एनएचपीसी का गेस्ट हाउस और टीचर्स भवन शामिल था। वहीं, अब रेडरोज होटल नरवाल, सैनिक स्कूल नगरोटा, इम्पा नगरोटा, स्कास्ट कैंपस आरएस पुरा, यूथ होस्टल नगरोटा, आईआईटी होस्टल पलौड़ा, रेवन्यू इंस्टीट्यूट गोल गुजराल और एक्साइज एंड टैक्सेशन इंस्टीट्यूट नगरोटा शामिल हैं।

जम्मू कश्मीर में बेशक कुछ दिनों से कोरोना वायरस का कोई भी नया मरीज नहीं आया है, लेकिन इसके संदिग्धों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज भी 327 संदिग्ध और निगरानी में रखे गए। इसे मिलाकर अब तक 3938 लोगों को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अपनी निगरानी में रखा है। वहीं संदिग्धों की संख्या को देखते हुए कई और क्वारंटाइन सेंटर बना दिए हैं।

श्रीनगर के जिला उपायुक्त डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि भयभीत होने के बजाय स्थिति को काबू में पाने के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने इसे तीसरा विश्व युद्ध निरूपित किया है। वे कहते थे कि इसके गुजर जाने के बाद सभी को जीवनदान मिल जाएगा। जिला उपायुक्त ने कई ट्वीट कर लोगों को यात्रा हिस्ट्री बताने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि, इसकी मदद से इस रोग पर नियंत्रण पाने में काफी हद तक मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि विदेश से यहां आए कश्मीर के 1100 से ज्यादा लोगों को अस्थायी स्थलों पर पृथक तौर पर रखा गया है। वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घाटी से कुछ समय के लिए बाहर न निकलें और जो बाहर हैं, वे यहां न आएं क्योंकि ऐसा करना सुरक्षित नहीं है।

अधिकारियों को कोरोना वायरस प्रभावित देशों से लौट रहे लोगों को पृथक केंद्रों पर रहने के लिए समझाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने दिल्ली से आने के लिए हवाई मार्ग इस्तेमाल नहीं किया या पृथक होने के डर से अपनी यात्रा संबंधी जानकारी छुपाई।

इकबाल चौधरी ने कहा कि बैंकॉक, ब्रिटेन, दुबई, बांग्लादेश, कजाखस्तान सहित अन्य देशों से आने वाले 29 लोगों का पता लगाने में स्वास्थ्यकर्मी सफल रहे। इन लोगों ने अपने मार्ग बदल लिए थे या अपनी यात्रा संबंधी जानकारी स्वास्थ्यकर्मियों को नहीं दी थी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, सड़कों पर तैरने लगे सैकड़ों सांप, वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

मोजतबा ने कसम खाई, 'दुश्मनों' से बदला लेंगे, ट्रंप बोले- ईरान को मिटाने के लिए 1000 मिसाइलें तैयार

क्या कैलाश विजयवर्गीय को पता था, नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटेगा?

क्या युवाओं का डिग्री से मोहभंग हो गया? पहली बार घटा UG कॉलेजों में एडमिशन; हैरान कर देगी वजह!

सभी देखें

नवीनतम

ओमान के पास भारतीयों से भरे जहाज पर हमला, 10 सुरक्षित, 1 अब भी लापता, भारत ने क्या कहा

Kashmir Cloudburst : अनंतनाग में बादल फटने से मची तबाही, घरों में घुसा पानी; फसलें और सेब के बाग बर्बाद

CM Yogi Adityanath : आयुष विश्वविद्यालय में नए छात्रावासों का उद्घाटन, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में हुआ नामकरण

Monsoon Alert : 15 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, 70 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD ने अपनी चेतावनी में क्या कहा

Gujarat : अमित शाह एक दिवसीय अहमदाबाद दौरे पर, 'मिशन फाइव मिलियन ट्री' अभियान का करेंगे शुभारंभ

अगला लेख