Publish Date: Fri, 12 Jun 2020 (11:14 IST)
Updated Date: Fri, 12 Jun 2020 (11:18 IST)
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को लॉकडाउन में मजदूरी पर फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में हलफनामा पेश करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि उद्योग धंधे और मजदूर एक-दूसरे से जुड़े हैं इसलिए सामंजस्य बनाकर चलना जरूरी है।
कोरोना Lockdown की 54 दिन की अवधि में जब अधिकांश कंपनियां बंद थीं या पूरी तरह से काम नहीं कर पाईं, उस दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाए या कंपनियां कटौती कर सकती हैं, इस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है।
अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 हफ्ते में विस्तृत हलफनामा पेश करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि इस दौरान कंपनियों पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कंपनियां और कर्मचारी आपस में मामले को सुलझाने की कोशिश करें। यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो श्रम मंत्रालय की मदद ले।
उल्लेखनीय है कि 26 मई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि एक हफ्ते में हलफनामे के जरिए जवाब दें। सरकार ने 4 जून को कहा था जो कंपनियां सैलरी देने में दिक्कत होने की बात कर रही हैं उन्हें अपनी ऑडिटेड बैलेंस शीट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।