Publish Date: Mon, 05 Jul 2021 (19:35 IST)
Updated Date: Mon, 05 Jul 2021 (19:38 IST)
न कोई नियम, न ही कोई कोविड प्रोटोकाल, लॉकडाउन खुलते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा शिमला और मनाली की तरफ।
दरअसल, देश में कोविड-19 की दूसरी लहर में कमी आते ही और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी तथा लू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में शिमला, कुफरी, नारकंडा, डलहौजी, मनाली, लाहौल और पहाड़ी राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं।
पर्यटन उद्योग हितधारक संघ के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में होटलों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन अभी आने वाले दिनों में और ज्यादा पर्यटक आ सकते हैं।
सप्ताहांत के दौरान होटलों के कमरे करीब 60 से 90 प्रतिशत तक बुक हो जाते हैं, जबकि सप्ताह के अन्य दिनों में 40-45 प्रतिशत के बीच ही कमरे बुक हो पाते हैं
शिमला होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट और ई-कोविड पास की शर्त को वापस लेने से राज्य के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिला है।
हिमाचल के कुल्लु जिले में स्थित अटल टनल रोहतांग (एटीआर) पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय बन गयी है और लोग बड़ी संख्या में यहां आ रहे हैं। पिछले रविवार को रिकॉर्ड 6400 वाहन टनल से होकर गुजरे थे।
आम तौर पर गर्मियों के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंचते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या बेहद कम है। हिमाचल के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी, खज्जियार और चंबा में भी धीरे-धीरे पर्यटन उद्योग गति पकड़ रहा है।
इस वजह से यहां ज्यादा संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में कोविड प्रोटोकाल का कितना ध्यान रखा जा रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।