Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
जयपुर। राजस्थान में और 21 लोगों के कोरोनावायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। राज्य में शनिवार तक ओमीक्रोन से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है।
राज्य चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में ओमिक्रॉन के 21 नए मामलों की पुष्टि पुणे स्थित एनआईवी प्रयोगशाला ने की है। इनमें जयपुर के 11, अजमेर के 6, उदयपुर के 3 तथा महाराष्ट्र का एक व्यक्ति शामिल है।
प्रवक्ता के अनुसार, इन मरीजों में से पांच व्यक्ति विदेश यात्रा से लौटे हैं, तीन व्यक्ति विदेश यात्रा करने वालों के संपर्क में आये थे तथा तीन व्यक्ति पूर्व में ओमीक्रोन संक्रमित पाए गए व्यक्ति के 'कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में मिले हैं। इन सभी को विशेष वार्ड में पृथकवास में रखने की प्रक्रिया जारी है।
राज्य में शनिवार, 25 दिसंबर तक 43 व्यक्ति कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप ये संक्रमित पाए गए हैं इसमें जयपुर के 28, सीकर के 4, अजमेर के 7, उदयपुर के 3 तथा महाराष्ट्र का एक व्यक्ति है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में शुक्रवार को संक्रमण के और 42 नये मामले सामने आए। राज्य में इस समय कोविड-19 के 244 मरीजों का इलाज चल रहा है। इस घातक संक्रमण से मरने वालों की संख्या 8,962 है।
बूस्टर पर फैसला करे मोदी सरकार : राज्य और देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को फिर से कहा कि केन्द्र सरकार कोविड से बचाव के लिए बूस्टर खुराक के बारे में जल्द फैसला करे।
इस संबंध में अखबार में प्रकाशित लेख को साझा करते हुए गहलोत ने ट्वीट किया, भारत सरकार से पुन: निवेदन है कि बूस्टर डोज के बारे में जल्द फैसला लेकर दिशा-निर्देश जारी करें।
गहलोत के अनुसार, राज्य के कोविड-19 विशेषज्ञ समूह की राय पर प्रधानमंत्री को 19 नवंबर एवं 6 दिसंबर को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार द्वारा बूस्टर लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने का निवेदन किया है। विशेषज्ञों की राय मानकर हमने सबसे पहले 'बूस्टर की मांग की।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब कई अन्य राज्यों ने भी 'बूस्टर डोज' के लिए केन्द्र सरकार से मांग की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी 'बूस्टर डोज' लगाने की सिफारिश की है क्योंकि शुरुआत में टीका लगवा चुके लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता (कोविड के प्रति) कम होता जा रहा है।