Hanuman Chalisa

COVID-19 : पीएम मोदी ने चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति पर दिया जोर

Webdunia
सोमवार, 11 मई 2020 (20:55 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस (Corona virus) कोविड-19 संकट से निपटने, आर्थिक गतिविधियों को तेज करने और लॉकडाउन को धीरे-धीरे हटाने के उपायों को लेकर सोमवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि आगे के रास्ते एवं सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति बनानी होगी और लागू करनी होगी।

मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में कहा, आज आप जो सुझाव देते हैं, उसके आधार पर हम देश की आगे की दिशा तय कर पाएंगे।उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मानती है कि भारत खुद को कोविड-19 से सफलतापूर्वक सुरक्षित रख पाया है, राज्यों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा, जहां भी हमने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया, हमारी समस्याएं बढ़ गईं।उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी।

बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपात सेवाओं के कर्मचारियों के लिए मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं।

दूसरी तरफ, तमिलनाडु में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 31 मई तक ट्रेन सेवाओं की अनुमति ना दें। शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण भारत की तरफ श्रमिकों के पलायन और मजदूरों के अपने घर जाने से आर्थिक गतिविधियों की बहाली में आने वाली समस्याओं पर भी इस बैठक में चर्चा की गई।

कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पांचवीं बार मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्रियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत कई मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल हुए।

गौरतलब है कि रविवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के साथ बैठक के दौरान राज्यों के मुख्य सचिवों ने उन्हें बताया था कि कोविड-19 से सुरक्षा जरूरी है, लेकिन साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ पिछली बार 27 अप्रैल को बातचीत किए जाने के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जो 28000 के आंकड़े से बढ़कर करीब 67,000 पर पहुंच गई है।

बैठक के कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि और दो हफ्तों के लिए 17 मई तक बढ़ा दी थी। हालांकि आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही में कुछ छूट दी गई थी। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 25 मार्च से लागू है। लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले यह बैठक हुई है। दूसरा चरण तीन मई को समाप्त हुआ था, जबकि पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त हुआ था।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

तनाव के बीच ट्रंप का दावा- शी मुझे गले लगाएंगे, चीन ने ईरान को हथियार न देने का वादा किया, Strait of Hormuz को लेकर दिया बड़ा अपडेट

ट्रंप ने कहा- ईरान युद्ध खत्म होने के बाद तेल के दामों में आएगी भारी गिरावट

350 वीडियो, 180 लड़कियां, शोषण और ब्‍लैकमेलिंग, 19 साल के मोहम्मद अयाज ने मुंबई से पुणे तक कर दिया खौफनाक कांड

परिसीमन पर 5 बड़े बयान : स्टालिन से सोनिया गांधी तक किसने क्या कहा, उत्तर-दक्षिण विवाद क्यों गरमा रहा है?

क्‍या युवाओं में लग रही जॉम्‍बी ड्रग की लत, जानिए कितना खतरनाक है ये ट्रेंड, क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर्स?

सभी देखें

नवीनतम

गिरिराज सिंह बोले, जो महिला आरक्षण पास नहीं करेंगे, उन्हें घर पर भोजन नहीं मिलेगा

33 प्रतिशत महिला आरक्षण लोकतंत्र की नई दिशा

निर्विरोध जीत की हैट्रिक : कडी में 28 और ऊंझा में 22 सीटों पर भाजपा का दबदबा, विपक्ष का सूपड़ा साफ

10 बड़े राज्यों में लोकसभा सीटें कितनी बढ़ेंगी? UP से तमिलनाडु तक की लिस्ट

LIVE: महिला आरक्षण समेत 3 बिल लोकसभा में पेश, अमित शाह बोले- हम जातीय जनगणना कराएंगे

अगला लेख