Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
नई दिल्ली। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) ने अपने बुलेटिन में कहा है कि कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन स्वरूप और इससे बने अन्य स्वरूप भारत में प्रमुखता से बने हुए हैं जिसमें 'एक्सबीबी' प्रमुख है। इन्साकॉग का बुलेटिन सोमवार को जारी किया गया। हालांकि इस अवधि में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है।
बुलेटिन के मुताबिक बीए.2.75 और बीए.2.10 स्वरूप भी फैल रहे थे लेकिन कुछ हद तक। बुलेटिन के अनुसार विशेष रूप से उत्तर-पूर्व भारत में बीए.2.75 वायरस का प्रचलित स्वरूप रहा है। हालांकि इस अवधि में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है।
इन्साकॉग ने कहा कि ओमिक्रॉन और इसके स्वरूप भारत में प्रमुखता से बने हुए हैं। एक्सबीबी पूरे भारत में सबसे प्रचलित स्वरूप (63.2 प्रतिशत) है। 5 दिसंबर के बुलेटिन में, जो सोमवार को भी जारी किया गया, इन्साकॉग ने कहा कि कुल संक्रमण दर प्रति दिन 500 से नीचे है। इन्साकॉग ने 28 नवंबर के अपने बुलेटिन में कहा था कि ओमिक्रॉन और इसके स्वरूप भारत में प्रमुखता से बने हुए हैं। कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर भारत ने निगरानी बढ़ा दी है।
Edited by: Ravindra Gupta