Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
राजगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में सड़क यातायात के सभी साधनों पर बैन लगा हुआ है। मध्यप्रदेश पुलिस के एक जवान ने जो मिसाल कायम की है, उसमें उनके जज्जे को सलाम करना बनता ही है। इस जवान ने 20 घंटे में 450 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय किया...
स्नातक की परीक्षा देने के लिए गए थे इटावा : इस वक्त पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। जानलेवा कोराना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में जब सफर का कोई साधन नहीं मिला तो थाना पचोर में पोस्टेड 22 वर्षीय आरक्षक दिग्विजय शर्मा को अपने घर इटावा (उत्तर प्रदेश) से पैदल ही चल पड़े। असल में वे 16 मार्च को स्नातक की परीक्षा देने के लिए इटावा गए हुए थे।
रास्ते में कोई साधन नहीं मिला : लॉकडाउन की वजह से दिग्विजय को सफर के लिए कहीं कोई साधन नहीं मिला। कुछ जगह उन्हें मोटरसाइकिल से लिफ्ट जरूर मिली। इतना सब होने के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पैदल चलते रहे ताकि मंजिल तक पहुंचा जा सके। यहां तक कि उनके पैरों में सूजन तक आ गई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार 28 मार्च के दिन विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए वे अपनी ड्यूटी पर पहुंच गए।
राजगढ़ एसपी से मिली प्रशंसा : पचोर के थाना प्रभारी सुनील श्रीवास्तव को जब दिग्विजय के पैदल आने की बात पता चली तो इससे उन्होंने राजगढ़ के एसपी प्रदीप शर्मा को अवगत कराया। एसपी शर्मा ने दिग्विजय की कर्तव्यपरायणता की जमकर तारीफ की और इसे अनुकरणीय बताया। थाना प्रभारी ने दिग्विजय को पूरे स्टाफ के सामने सम्मानित किया।
20 घंटे तक पैदल चले : दिग्विजय ने बताया कि मैंने 25 मार्च की सुबह इटावा से पैदल यात्रा शुरू की। मैं अपनी यात्रा के दौरान लगभग 20 घंटे तक चला, जिसमें मैंने मोटरबाइकों पर लोगों से लिफ्ट ली और शनिवार रात राजगढ़ पहुंचा। मैंने बाद में अपने आने की सूचना अपने बॉस को दी।
यात्रा के दौरान उनके पास पूरे दिन खाने के लिए कुछ नहीं था, जब तक कि कुछ सामाजिक संगठनों ने उन्हें भोजन नहीं दिया। मेरे बॉस ने मुझे आराम करने के लिए लेकिन मैं जल्द ही ड्यूटी ज्वाइन करूंगा। दिग्विजय 1 जून 2018 को मध्य प्रदेश पुलिस बल में शामिल हुए थे।