Publish Date: Sun, 02 Aug 2020 (09:16 IST)
Updated Date: Sun, 02 Aug 2020 (09:23 IST)
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने जांच की सुविधाएं बढ़ाने की कवायद के तहत निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और प्रयोगशालाओं को रैपिड एंटीजेन और आरटी-पीसीआर पद्धतियों से कोविड-19 की जांच कराने की अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
विभाग ने रैपिड एंटीजेन और आरटी-पीसीआर के तहत नमूनों की जांच के लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किए। निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को आईसीएमआर के नियमों का पालन करना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि नमूनों के जांच के नतीजे की सूचना व्यक्ति को दिए जाने से पहले राज्य के अधिकारियों को देनी होगी।
रैपिड एंटीजेन जांच के लिए निजी संस्थान अधिकतम 450 रुपए का शुल्क ले सकते हैं जबकि आरटी-पीसीआर के लिए 2,200 रुपए का शुल्क तय किया गया है। नर्सिंग होम, अस्पताल और प्रयोगशालाएं अनिवार्य रूप से ओडिशा क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट, 1990 के तहत पंजीकृत होने चाहिए।
अधिसूचना में कहा गया है, ‘जांच नतीजों की सूचना सबसे पहले राज्य के अधिकारियों को दी जाए और उसके 24 घंटों बाद संबंधित व्यक्ति को सूचित किया जाए।‘
ओडिशा में अभी तक 5,28,708 लोगों की कोरोना वायरस के लिए जांच की गई है जिनमें से 33,479 संक्रमित पाए गए हैं। (भाषा)