Publish Date: Thu, 21 May 2020 (12:27 IST)
Updated Date: Thu, 21 May 2020 (12:32 IST)
नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित हर व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे नमूनों की जांच की गई, जो संक्रमित नहीं पाए गए। उसने कहा कि पिछले 2 महीने में हर दिन जांच की संख्या में 1,000 गुना वृद्धि हुई है।
आईसीएमआर ने कहा कि 20 मई को सुबह 9 बजे तक कुल 25,12,338 नमूनों की जांच की गई और जांच की क्षमता बढ़ाकर हर दिन 1 लाख तक की गई। उसने एक बयान में कहा कि 2 महीने पहले प्रतिदिन 100 से कम कोविड-19 की जांच से शुरुआत करने के बाद शोध संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, जांच प्रयोगशालाओं, मंत्रालयों, एयरलाइनों और डाक सेवाओं के समर्पित दलों के एकसाथ मिलकर काम करने से महज 60 दिनों में जांच की संख्या 1000 गुना तक बढ़ गई।
शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ने कहा कि जनवरी में भारत के पास कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी। उसने कहा कि आज देशभर में 555 प्रयोगशालाएं हैं। आईसीएमआर ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि हर संक्रमित व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे लोगों की जांच की गई, जो संक्रमित नहीं पाए गए। (भाषा)