Publish Date: Sun, 19 Apr 2020 (07:38 IST)
Updated Date: Sun, 19 Apr 2020 (07:49 IST)
नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए उन पर दवाइयों का छिड़काव किए जाने के खिलाफ परामर्श जारी करते हुए कहा कि यह शारीरिक एवं मानसिक रूप से हानिकारक है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस के संपर्क में आ आ गया है तो उसके शरीर पर दवाइयों का छिड़काव करने से भी उसके शरीर में प्रवेश कर चुका वायरस नहीं खत्म होगा। ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है जो इसकी पुष्टि करे कि इससे शरीर का बाहरी हिस्सा संक्रमण से मुक्त हो जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए या उन्हें संक्रमण मुक्त करने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट जैसी दवाइयों के छिड़काव के प्रभाव के संबंध में हमारे पास कई सवाल आए थे।
मंत्रालय ने कहा, ‘इस रणनीति को मीडिया में काफी तवज्जो मिल रही है और कुछ जिलों और स्थानीय निकायों के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल भी हो रहा है।‘
कोविड-19 के मरीजों या संदिग्ध मरीजों द्वारा जिस जगह को बार-बार छुआ जाता है उसे संक्रमण मुक्त बनाने के लिए रासायनिक दवाइओं/घोलों आदि के उपयोग की बात कही गयी है। इस प्रक्रिया में एहतियात बरतने की भी जरुरत होती है।
परामर्श में कहा गया है, ‘व्यक्तियों और समूह पर किसी भी सूरत में ऐसी दवाइयों का छिड़काव करने की सलाह नहीं दी जाती है। किसी भी व्यक्ति या समूह पर रासायनिक घोल का छिड़काव शारीरिक एवं मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाता है।‘ (भाषा)