suvichar

Karnataka : श्मशान घाट भी चल रहे 'हाउसफुल', अंतिम विदाई के लिए भी परिजनों को करना पड़ रहा है इंतजार

Webdunia
मंगलवार, 4 मई 2021 (23:37 IST)
बेंगलुरु। देश में कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) के सामने पूरा देश बेबस नजर आ रहा है। कोरोना के दंश से रोज हो रही हजारों मौतों की वजह से कई शहरों में अंतिम संस्कार करने की जगह कम पड़ गई है। सिस्टम लाचार दिख रहा है।

ALSO READ: कर्तव्य को सलाम : श्मशान कर्मचारी 15 घंटे तक कर रहे हैं काम, गैरों का कर रहे अपनों की तरह अंतिम संस्कार
 
ऐसे ही एक दुखद घटनाक्रम की बात करें तो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित चामराजपेट के श्मशान घाट पर शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह की कमी की वजह से श्मशान के बाहर 'हाउस फुल' के साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं। इस श्मशान में लगभग 20 शव दाह-संस्कार किए जा सकते हैं तथा यहां एक बोर्ड लगा दिया और कहा कि दाह-संस्कार के लिए और शव नहीं लिए जाएंगे।

 


दरअसल, बेंगलुरु शहर में 13 शवदाहगृह हैं और सभी कोरोना के कहर की वजह से ऐसे हालात का सामना कर रहे हैं, जहां परिजनों को अपने लोगों को अंतिम विदाई देने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। (एजेंसियां)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

इमैनुएल मैक्रों ने PM मोदी के साथ शेयर की AI वाली फोटो, कहा- 'जब दोस्त मिलते हैं'

Who is Neha Singh : नेहा सिंह कौन हैं, AI इम्पैक्ट समिट में 'रोबोडॉग' से चर्चाओं में, Galgotias University ने झाड़ा पल्ला

'यादव जी की लव स्टोरी' पर छिड़ा विवाद, संभल में जोरदार विरोध प्रदर्शन, जलाए गए फिल्म के पोस्टर

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट? ईरान के साथ आए रूस-चीन, हॉर्मुज की खाड़ी में युद्धपोतों की तैनाती से मचा हड़कंप! शुरू किया घातक अभ्यास

Porn Star बनने की सनक में पति की घिनौनी करतूत, पत्नी का अश्लील वीडियो रिश्तेदारों को WhatsApp किया

सभी देखें

नवीनतम

ईरान तनाव के बीच ट्रंप की ब्रिटेन को चेतावनी: डिएगो गार्सिया मत छोड़ो

PM मोदी से मिले सुंदर पिचाई, AI सेक्टर में Google के सहयोग पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

लखनऊ में CM योगी-भागवत में 40 मिनट की मुलाकात, 2027 के विधानसभा चुनाव पर चर्चा को लेकर कयास

इमैनुएल मैक्रों ने PM मोदी के साथ शेयर की AI वाली फोटो, कहा- 'जब दोस्त मिलते हैं'

योगी सरकार की नीतियों से किसानों को मिली मुनाफे की राह, खेत तालाब योजना ने बदली तकदीर

अगला लेख