Hanuman Chalisa
✕

कार्यस्थलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई कोविड-सुरक्षा यूनिट

Webdunia
शनिवार, 18 जुलाई 2020 (17:05 IST)
उमाशंकर मिश्र, 

नई दिल्ली, कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए शोधकर्ता विभिन्न युक्तियां खोजने में जुटे हुए हैं।

दुर्गापुर स्थित सेंट्रल मेकैनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में काम करते हुए नया ‘कोविड प्रोटेक्शन सिस्टम’ (कॉप्स) ईजाद किया है जो कार्यस्थलों पर कोविड-19 का संक्रमण रोकने में उपयोगी हो सकता है।

कॉप्स सिस्टम में संपर्क रहित सोलर आधारित ऑटोमेटेड मास्क डिस्पेंसिंग यूनिट और थर्मल स्कैनर (इंटेलिमास्ट) लगाया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित यह सिस्टम स्वचालित कामकाज में मददगार होगा।

सीएमईआरआई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह तकनीक व्यावसायिक हस्तांतरण के लिए तैयार है। निकट भविष्य में सीएमईआरआई की योजना एक डिजिटल एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की है।

सोलर आधारित इंटेलिमास्ट एक इंटेलिजेंट सर्विलांस किओस्क है जो शरीर का तापमान बताने के साथ-साथ यह भी पता लगा लेता है कि उसके सामने से होकर गुजरने वाले व्यक्ति ने मास्क पहना है या फिर नहीं। इसके माध्यम से मास्क न पहनने वाले कर्मचारियों की सूचना प्रशासन तक पहुंच जाती है।

कर्मचारी स्कैनर पर चिप युक्त अपने परिचय पत्र को दिखाकर डिस्पेंसर से मास्क प्राप्त कर सकते हैं, जिसका मूल्य उनकी सैलेरी से काट लिया जाता है। यह प्रणाली बड़े संस्थानों में कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने में मददगार हो सकती है।

सीएमईआरआई के निदेशक प्रोफेसर हरीश हिरानी ने कहा है कि ‘महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कॉप्स सिस्टम कार्यस्थलों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। हेल्थकेयर कर्मचारियों की तरह विभिन्न संस्थानों में अग्रिम पंक्ति में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर भी संक्रमित लोगों एवं वस्तुओं के संपर्क में आकर कोविड-19 से ग्रस्त होने का खतरा अधिक होता है’

चेहरे की पहचान और परिचय पत्र आधारित उपस्थिति प्रणाली निकट भविष्य में इस सिस्टम में शामिल की जा सकती है। इस तरह से कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों एवं कॉलेजों को अपनी तरह की यह संपूर्ण प्रणाली मिल सकती है।

प्रोफेसर हिरानी ने बताया कि ‘अपनी तकनीकों को विकसित करते हुए हमारा उद्देश्य स्टार्टअप कंपनियों और उद्यमियों को समर्थन करना और उन्हें अपनी नवोन्मेषी क्षमता दिखाने के लिए मंच देना भी है। सीएमईआरआई का फोकस भारत में निर्मित उत्पादों के विकास पर भी केंद्रित है, जिसके परिणामस्वरूप आत्मनिर्भर भारत की पहल को बढ़ावा मिल सकता है’ (इंडिया साइंस वायर)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

CBSE Board Exam 2027: सीबीएसई ने जारी की 10वीं-12वीं की डेटशीट, 16 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं

राजा भैया के बेटे शिवराज प्रताप सिंह का कमाल, 3 बार जेलीफिश ने मारा डंक, फिर भी 7 घंटे में पूरी की आयरनमैन रेस

दिसंबर में कार-बाइक खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, साल के अंत में मिल सकते हैं हजारों रुपए के फायदे, जानें कैसे उठाएं लाभ

ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप की चेतावनी- हमले के लिए पूरी तरह तैयार, कतर के जरिए आया नया प्रस्ताव

343Km की रेंज और 155Km/h की टॉप स्पीड, लॉन्च हुई धांसू इलेक्ट्रिक बाइक

सभी देखें

नवीनतम

US Midterm Elections में हार के बाद घिरे डोनाल्ड ट्रंप : बिजनेस सौदों, क्रिप्टो विवाद और बगावती सुरों से बढ़ेंगी मुश्किलें

श्रीराम केवल आराध्य नहीं, जीवन जीने की मर्यादा हैं

Electric Scooter : पुरानी इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार खरीदने से पहले जरूर जांचें ये 6 चीजें, वरना लग सकता है बड़ा झटका

इंडिगो फ्लाइट को हाईजैकिंग की धमकी, विमान को बेंगलुरु लौटना पड़ा

पोलैंड के क्राको शहर में ताबड़तोड़ गोलीबारी, 5 की मौत, कई घायल, पुलिस ने हमलावर को गोली मारी

अगला लेख