Publish Date: Wed, 15 Apr 2020 (20:26 IST)
Updated Date: Wed, 15 Apr 2020 (20:30 IST)
लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी का उत्तरप्रदेश की जनता भी डटकर सामना कर रही है, लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों की 21 से 40 वर्ष की आयु का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है जबकि डॉक्टरों के अनुसार सर्वाधिक बीमारी से लड़ने की क्षमता 21 से 40 वर्ष के लोगों में ही पाई जाती है।
उत्तरप्रदेश में 21 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों ही करोना संक्रमण चपेट में ज्यादा आए हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने प्रेस कॉन्फेंस में बताया कि उत्तरप्रदेश में कोरोना वायरस के जो केस सामने आए हैं उनमें आयु प्रोफाइल कुछ इस प्रकार हैं- 0-20 वर्ष आयु वर्ग में कुल 17% मामले, 21-40 वर्ष आयु वर्ग में 46.5% मामले, 41-60 वर्ष आयु वर्ग में 26% मामले सामने आए हैं और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के 10.5% मामले ही प्रदेश में आए हैं।
आपके माध्यम से अपील करना चाहता हूं कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, जिन्हें गंभीर बीमारी या डायबिटीज, किडनी आदि की समस्याएं हैं उन्हें और ज्यादा संभलले की आवश्यकता है। बुजुर्गों के साथ हम सोशल डिस्टेंसिंग की शर्तों का पालन करें। छींकते या खांसते समय मुंह को ढकें। साबुन-पानी से 25 से 30 सेकंड तक हाथ धोएं। मास्क लगाएं, 2 मीटर की दूरी पर रहें, खान-पान ठीक करें जिससे इम्युनिटी बढ़ाई जा सके।
उन्होंने कहा कि जो लोग सिगरेट पीते हैं उन्हें बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। उनमें संक्रमण की आशंका बहुत ज्यादा रहती है।
उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश में अब तक प्रदेश के 44 जनपदों से 735 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 55 लोग उपचारित होकर अपने घर जा चुके हैं। 11 लोगों की मृत्यु हो गई है लेकिन सबसे खास बात यह है 44 जिलों में से एक जिला पीलीभीत कोरोना मुक्त हो चुका है।