Publish Date: Sun, 13 Mar 2022 (12:11 IST)
Updated Date: Sun, 13 Mar 2022 (12:14 IST)
बीजिंग। चीन में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,393 नए मामले दर्ज किए गए। यह पिछले 2 वर्ष में सबसे अधिक एकदिवसीय मामले हैं। देश के 19 राज्यों में कोरोना के ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट कहर ढा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, शनिवार को दर्ज हुए मामलों के मुकाबले नये मामलों की संख्या दोगुने से अधिक है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने शंघाई शहर में स्कूल बंद करा दिए हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी हिस्से के कुछ शहरों में पूर्ण रूप से लॉकडाउन का भी ऐलान किया गया है। जिलिन शहर में आंशिक रूप से लॉकडाउन घोषित किए जाने के साथ ही आस-पड़ोस के सैकड़ों इलाके पूरी तरह से सील कर दिए गए हैं।
आज से दो साल पहले चीन में ही सबसे पहले कोरोना संक्रमण के होने का पता चला था। हालांकि इसके बाद यहां 'जीरो-कोविड' नीति का पालन किया गया। इसके मद्देनजर यातायात प्रतिबंध, लॉकडाउन की घोषणा और टेस्टिंग में वृद्धि करना जैसे उपाय शामिल किए गए थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए मुख्य रूप से बेहद संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट और लक्षणविहीन मरीज जिम्मेदार हैं, जिससे शुरुआती चरणों में ओमिक्रॉन के फैलने का पता सही से नहीं लग पाया।
90 लाख की आबादी वाले चीन के चांगचून शहर में शुक्रवार से लॉकडाउन लागू कर दिया है। इसके अलावा, जिलिन क्षेत्र के ही शिपिंग और दूनहुआ जैसे छोटे शहरों में भी गुरुवार और शुक्रवार से लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है।
स्थानीय अधिकारियों ने रूस और उत्तर कोरिया की सीमा से घिरे हंचुन शहर में भी एक मार्च से लॉकडाउन लागू होने की सूचना दी है। शहर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तीन अस्थायी अस्पताल भी बनाए गए हैं।