Hanuman Chalisa

Corona लॉकडाउन के कारण अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख मामले!

Webdunia
बुधवार, 29 अप्रैल 2020 (13:35 IST)
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने कहा है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू बंद के कारण प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित हो जाने से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में करीब 5 करोड़ महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं। इससे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख मामले सामने आ सकते हैं।

यूएनएफपीए और सहयोगियों ने ये आंकड़े जारी किए हैं। एजेंसियों का कहना है कि संकट के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार नियोजन के साधनों तक पहुंच नहीं पा रही हैं अथवा उनके अनचाहे गर्भधारण का खतरा है। इसके अलावा उनके खिलाफ हिंसा और अन्य प्रकार के शोषण के मामलों के भी तेजी से बढ़ने का खतरा है।

यूएनएफपीए की कार्यकारी निदेशक नतालिया कानेम ने कहा, ‘ये नए आंकडे़ उस भयावह प्रभाव को दिखाते हैं जो पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों पर पड़ सकते हैं।‘

कानेम कहती हैं, ‘यह महामारी भेदभाव को गहरा कर रही है तथा लाखों और महिलाएं- लड़कियां परिवार नियोजन की अपनी योजनाओं को पूरा कर पाने और अपनी देह तथा स्वास्थ्य की रक्षा कर पाने में नाकाम हो सकती हैं।‘

यह अध्ययन बताता है कि 114 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 45 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल करती हैं।

इसमें कहा गया है, ‘6 माह से अधिक समय में लॉकडाउन से संबंधित बाधाओं के चलते निम्न और मध्यम आय वाले देशों में चार करोड़ 70 लाख महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं। इनसे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख अतिरिक्त मामले सामने आ सकते हैं। 6 माह का लॉकडाउन लैंगिक भेदभाव के 3 करोड़ 10 लाख अतिरिक्त मामले सामने ला सकता है।

इसके मुताबिक महामारी के इस वक्त में महिलाओं के खतने (एफजीएम) और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में चल रहे कार्यक्रमों की गति भी प्रभावित हो सकती है। इससे एक दशक में एफजीएम के अनुमानित 20 लाख और मामले सामने आएंगे। इसके अलावा अगले 10 साल में बाल विवाह के एक करोड़ 30 लाख मामले सामने आ सकते हैं।

ये आंकड़े अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के एवेनिर हेल्थ और ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किए गए हैं। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

CCSU के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज, प्याज-लहसुन परिवार की इन 2 प्रजातियों में मिले कैंसर और डायबिटीज से बचाव के गुण

WhatsApp ला रहा 2 बड़े फीचर्स, ऑनलाइन यूजर्स को पहचानना और बैकअप मैनेज करना होगा आसान, जानिए कैसे करेंगे काम

कौन थे भरत तिवारी, 17 जून को क्या हुआ था, क्यों सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एनकाउंटर मामला, कैसे मची बिहार की सियासत में खलबली

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, 150 पन्नों की रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के भी संकेत

बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार

सभी देखें

नवीनतम

तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?

Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का 'रक्षक' और El Nino के असर को करता है कमजोर

TMC में बड़ा सियासी भूचाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक सस्पेंड

फिर से भारतीय छात्रों की पसंद क्यों बनी सिविल इंजीनियरिंग?

Top News : लखनऊ अग्निकांड पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 22 राज्यों में बारिश, ममता को बड़ा झटका

अगला लेख