Publish Date: Sat, 11 Mar 2023 (16:55 IST)
Updated Date: Sat, 11 Mar 2023 (16:57 IST)
बीजिंग। चीन में कोरोनावायरस (coronavirus) के बाद अब फ्लू (flu) कहर बरपा रहा है। कोरोना काल के बीच चीन अब फ्लू से जूझ रहा है। मीडिया खबरों के मुताबिक बीमारी की भयावहता को देखते हुए कई शहरो में लॉकडाउन लगाने की तैयारी चल रही है।
हालांकि कोरोना काल में लॉकडाउन की त्रासदी देख चुके चीन में लॉकडाउन को लेकर गुस्सा भी देखा जा रहा है। लोगों में लॉकडाउन को लेकर डर देखना जा रहा है।
चीन की शून्य-कोविड लॉकडाउन योजनाओं को महामारी के दौरान पूरे देश में लागू किया गया था और कई लोगों द्वारा इसे अतिवादी के रूप में देखा गया था। शीआन स्थानीय सरकार की योजना फ्लू के प्रकोप के चार स्तरों के लिए है।
डेली मेल की एक खबर के मुताबिक यदि सामान्य वायरस गंभीर रूप से उच्च स्तर तक पहुंचता है तो लॉकडाउन फिर से शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां एकदम ठप हो जाएंगी।
शॉपिंग मॉल, थिएटर, पुस्तकालय, पर्यटक स्थल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थान भी बंद रहेंगे। लॉकडाउन की खबरों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
लोगों ने शहर के प्रशासन की आलोचना की है। एक यूजर ने वीबो पर लिखा कि लॉकडाउन लगाने की बजाय जनता का वैक्सीनेशन किया जाए।
कोरोना के बाद इन्फ्लुएंजा का कहर : बीजिंग सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल के आंकड़ों से पता चलता है कि इन्फ्लुएंजा ने 13 फरवरी से 19 फरवरी के बीच बीजिंग में कहर बरपाने वाले कोरोनवायरस को पीछे छोड़ दिया है।
इस बीच, चीन के तियानजिन, हांग्जो सहित कई शहरों के स्कूलों में कई बार छात्रों की क्लासेस को इन्फ्लुएंजा के फैलने के चलते बंद करना पड़ा है।
23 फरवरी को इन्फ्लुएंजा पर चाइना सीडीसी वीकली रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में इन्फ्लुएंजा की पॉजिटिविटी रेट पिछले सप्ताह की तुलना में लगातार बढ़ रही है। इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) टाइप इन्फ्लुएंजा के कुल सैंपलों का 71 फीसदी है, जोकि सबसे ज्यादा प्रतिशत है। Edited By : Sudhir Sharma