Publish Date: Wed, 21 Oct 2020 (10:05 IST)
Updated Date: Wed, 21 Oct 2020 (10:12 IST)
नई दिल्ली। आईसीएमआर के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद अगर शरीर में 5 महीने में एंटीबॉडीज कम होती है तो शख्स फिर से संक्रमित हो सकता है। अधिकारी ने संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से मास्क लगाने और उचित व्यवहार का पालन करने की अपील की।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि हम आंकड़े देख रहे हैं कि कितने लोग संक्रमित हुए, ठीक हुए और फिर संक्रमित हुए। आमतौर पर हम जानते हैं कि शरीर में एंटीबॉडीज 3 से 5 महीने तक रहती हैं।
उन्होंने प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा कि सीडीसी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति 90 दिन के बाद फिर से संक्रमित हो जाता है तो आप इसे पुनःसंक्रमण बताते हैं। हम इसके अनुसार आंकड़ों को देख रहे हैं। जब यह हमारे पास उपलब्ध होंगे तो हम यह आपको दिखाएंगे।
उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि एंटीबॉडीज 3 महीने तक शरीर में रहती हैं जबकि कुछ का कहना है कि यह 5 महीने तक रहती हैं। भार्गव ने कहा कि यह नई बीमारी है इसलिए अभी सीमित जानकारी है। संक्रमण से ठीक होने के बाद अगर 5 महीने के अंदर किसी शख्स के शरीर में एंटीबॉडीज कम होती हैं तो उसके फिर से कोविड-19 से संक्रमित होने की आशंका है। (भाषा)