Hanuman Chalisa

Covid से मस्तिष्क कोशिकाओं को होता है नुकसान, सहसंबंध को सिद्ध करने के लिए और अध्ययन जरूरी

Webdunia
मंगलवार, 29 जून 2021 (18:25 IST)
लंदन (द कन्वरसेशन)। वैश्विक महामारी की शुरुआत में यह साफ हो गया था कि कोविड-19 सिर्फ फेफड़ों की बीमारी नहीं है। दिल, गुर्दे और जिगर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। कई मरीजों को तंत्रिका संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) समस्याएं भी हुईं जिनमें ब्रेन फॉगयानी सोचने-सझने की शक्ति कम हो जाना, स्वाद एवं गंध की शक्ति चले जाने और मस्तिष्काघात भी शामिल हैं।

ALSO READ: COVID-19 vaccination : गर्भवती महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है कोरोना वैक्सीन? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस
 
अब यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के एक अध्ययन में पाया गया है कि कोविड के कारण लंबे समय तक मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। यह चिंताजनक बात है, जो लंबे समय तक कोविड रहने की असंख्य रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में सामने आई है। इस अध्ययन की सहकर्मी समीक्षा बाकी है। इसमें यूके बायो बैंक से लिए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है, जो महामारी से पहले के आनुवांशिक डेटा, विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड और 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के दिमाग का स्कैन रखता है।

ALSO READ: COVID-19 : दिल्ली में 5000 हेल्थ असिस्टेंट तैयार करने की हुई शुरुआत
 
अनुसंधानकर्ताओं ने 782 प्रतिभागियों में से 394 लोगों (केसेज) को चुना, जो मार्च 2020 से अप्रैल 2021 के बीच कोविड की चपेट में आए थे। शेष 388 प्रतिभागी कंट्रोल थे यानी जिन लोगों को कोविड नहीं हुआ था। केसेज की कंट्रोल के साथ उम्र, लिंग, नस्ल, रक्तचाप और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) जैसे कारकों पर तुलना की गई। ज्यादातर केसेज में मध्यम लक्षण या कोई लक्षण नहीं थे।

ALSO READ: Covid-19 : Delta plus का पता लगाने के लिए इंदौर से भेजे गए 60 सेंपल
 
अनुसंधानकर्ताओं ने केसेज और कंट्रोल दोनों को दूसरे मस्तिष्क स्कैन के लिए बुलाया जिससे उन्हें महामारी से पहले लिए गए मूल स्कैन के बाद से मस्तिष्क में हुए बदलावों का आकलन करने में मदद मिली। अध्ययन के इस प्रकार जिसमें केसेजऔर कंट्रोल्सकी तुलना की गई, उसे महामारी विज्ञान में स्वर्ण मानक का अध्ययन माना जाता है। अध्ययन में 2,360 अलग-अलग मस्तिष्क मापों पर विचार किया गया। फिर दोनों मस्तिष्क स्कैनों के माप के अंतरों को प्रतिभागियों के संक्रमण की स्थिति के साथ जोड़कर देखा गया। इस खोजपूर्ण विश्लेषण के अलावा अनुसंधानकर्ताओं ने एक अधिक परिकल्पना आधारित दृष्टिकोण पर भी विचार किया, जो 297 मस्तिष्क मापों तक सीमित थी, जो संभावित रूप से कोविड से हुए नुकसान से जुड़े थे।
 
विश्लेषणों के इन 2 प्रकारों (खोजपरक और कल्पना आधारित) ने 4 और 8 मापों की पहचान की, जो सांख्यिकीय एवं महत्त्वपूर्ण रूप से कोविड से जुड़े थे। कोविड के लिए जिम्मेदार संक्रमण से जुड़ी मस्तिष्क की कोशिकाओं के घटने से जुड़े सभी लक्षण मस्तिष्क के उन हिस्सों में हुए, जो गंध की शक्ति से जुड़े होते हैं। सांख्यिकीय विश्लेषण पेशेवर तरीके से और बड़ी संख्या में किए गए सांख्यिकीय परीक्षणों के लिए पर्याप्त रूप से नियंत्रित थे। इसके बावजूद कुछ लक्षण भले ही सांख्यिकीय लिहाज से महत्त्वपूर्ण हैं, बाकी सभी संबंध मामूली थे और उनकी भविष्य के अध्ययनों से पुष्टि करनी होगी।
 
दिमाग के कुछ खास हिस्सों में मामूली नुकसान भी खतरनाक लग सकता है लेकिन सूक्ष्म मस्तिष्क परिवर्तन जरूरी नहीं कि कोई बीमारी हो यहां तक कि वस्यक लोगों में भी। अनुसंधानकर्ताओं ने अपने परिणामों को कोविड का सीधा हानिकारक परिणाम बताया है, जो नाक के माध्यम से वायरस के मस्तिष्क में प्रवेश कर जाने के कारण होता है। अन्य व्याख्या यह है कि सूंघने एवं स्वाद शक्ति से जुड़े मस्तिष्क के हिस्सों में हुए बदलाव गंध एवं स्वाद की शक्ति चले जाने के परिणामस्वरूप हुए न कि उसका कारण हैं।
 
स्वास्थ्य के जोखिमों को कमतर आंकने से जान जा सकती है अक्सर देरी से निदान और खराब जीवनशैली विकल्पों के कारण। वहीं, स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा-चढ़ाकर बताना भी जानलेवा हो सकता है। लंबे समय तक तनाव लेने और हृदय रोग के उच्च जोखिम के बीच संबंध प्रमाणित है।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

न सीजफायर होगा, न सरेंडर, जंग जारी रहेगी, ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार

Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे

युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश

Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी

Manipur में बड़ा बवाल, रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद

क्या ईरान पर होगा Nuclear अटैक, डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान

ईरान में फंसे भारतीयों को अलर्ट, अगले 48 घंटे जहां हैं, वहीं रहें, सरकार की सख्त एडवाइजरी

सनातनी एकजुट हों तो षड्यंत्रकारी भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगे : योगी

भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने को मोहन कैबिनेट की मंजूरी, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए भी 590 करोड़ स्वीकृति

सिंहस्थ के लिए कार्यों की डेडलाइन तय, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- 2027 की दीपावली तक पूरे हों सारे काम

अगला लेख