Publish Date: Tue, 28 Apr 2020 (23:49 IST)
Updated Date: Tue, 28 Apr 2020 (23:52 IST)
अहमदाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमण को बुजर्गों के लिए अधिक घातक माना जा रहा है, लेकिन गुजरात के भावनगर के रहने वाले 90 वर्षीय एक पुरुष और कच्छ की रहने वाली एक महिला ने अस्पताल में कोविड-19 से कई दिनों तक जंग करने के बात उसे परास्त कर दिया है।
गुजरात की प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने बताया कि दोनों उन 40 लोगों में शामिल हैं जिन्हें संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई है। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 434 हो गई है।
उन्होंने बताया कि भावनगर में 5 अप्रैल को भर्ती कराए गए 90 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन दिया जा रहा था जबकि महिला की हालत और गंभीर थी।
रवि ने बताया कि महिला 36 दिनों तक अस्पताल रही और 10 जांच रिपोर्ट में लगातार कोरोना पॉजिटिव रहने के बाद आखिरकार 11वीं जांच में उनके संक्रमण मुक्त होने की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि दो कोरोना संक्रमित महिलाओं ने मंगलवार को राजकोट और भावनगर में बच्चों को जन्म दिया और उनके बच्चों में कोरोना का संक्रमण नहीं है। (भाषा)