Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 (10:39 IST)
Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 (10:45 IST)
Whats is Holy Saturday: ईस्टर सैटरडे, जिसे हॉली सैटरडे भी कहा जाता है, ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन ईस्टर संडे (Easter Sunday) से ठीक पहले आता है और इसे अक्सर 'साइलेंट सैटरडे' या 'हॉली सैटरडे' कहा जाता है। इस दिन ईसाई समुदाय यीशु मसीह के क्रूस पर मरने के बाद उनके समाधि में रहने की याद में मनाते हैं। ईस्टर सैटरडे पर चर्च में विशेष प्रार्थनाएं, रात्रि जागरण और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष यह दिन 4 अप्रैल 2026, दिन शनिवार को पड़ रहा है।
ALSO READ: Easter: ईसाई धर्म के लोग ईस्टर संडे क्यों मनाते हैं क्या करते हैं इस दिन?
ईस्टर सैटरडे का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह विश्वास और आशा का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि अंधकार के बाद उजाला आता है और दुखों के बाद खुशियां आती हैं। इस दिन के अवसर पर लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर प्रार्थना, भजन, और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ईस्टर सैटरडे से जुड़ी परंपराएं देशों और संस्कृतियों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। कई देशों में इस दिन विशेष ईस्टर अंडे सजाने, ईस्टर बास्केट बनाने और बच्चों के लिए ईस्टर गेम्स आयोजित करने की प्रथा है।
1. ईस्टर सैटरडे क्या है? यह दिन क्यों मनाया जाता है?
2. गहरे शोक और प्रतीक्षा का दिन
3. 'ईस्टर विजिल' (Easter Vigil)
4. बपतिस्मा (Baptism) का महत्व
5. लेंट (Lent) के उपवास का समापन
6. ईस्टर सैटरडे और ईस्टर संडे में अंतर
ईसाई समुदाय के लिए इसके महत्व और इससे जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
1. ईस्टर सैटरडे क्या है? यह दिन क्यों मनाया जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन जब प्रभु यीशु मसीह को क्रूस (Cross) पर चढ़ाया गया था, उसके बाद उन्हें कब्र में दफनाया गया था। ईस्टर सैटरडे वह दिन है जब यीशु का शरीर कब्र में विश्राम कर रहा था। यह दिन उनके क्रूस पर चढ़ने और पुनरुत्थान (दोबारा जीवित होने) के बीच की अवधि को दर्शाता है।
2. गहरे शोक और प्रतीक्षा का दिन
यह दिन ईसाई समुदाय के लिए शांति, मौन और प्रार्थना का होता है। इस दिन कोई धूमधाम नहीं होती। लोग यीशु के बलिदान को याद करते हैं और उनके पुनर्जीवित होने की प्रतीक्षा करते हैं। चर्चों में इस दिन विशेष सजावट नहीं की जाती और वेदी (Altar) खाली रखी जाती है।
3. 'ईस्टर विजिल' (Easter Vigil)
ईस्टर सैटरडे की रात जो ईस्टर पूर्व संध्या या पवित्र शनिवार की रात जो कि सूर्यास्त के बाद मनाई जाती है, ईसा मसीह के पुनरुत्थान की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मसीही आराधना है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रार्थना सभा होती है, जिसे ईस्टर विजिल कहा जाता है। यह रात के अंधेरे में शुरू होती है, जो अज्ञानता और मृत्यु के अंधकार का प्रतीक है। इसके बाद 'ईस्टर मोमबत्ती' (Paschal Candle) जलाई जाती है, जो यीशु को 'दुनिया की रोशनी' के रूप में दर्शाती है। इसी रात से ईस्टर (पुनरुत्थान पर्व) की खुशियां शुरू हो जाती हैं।
4. बपतिस्मा (Baptism) का महत्व
प्राचीन काल से ही ईस्टर सैटरडे की रात को नए अनुयायियों को बपतिस्मा (ईसाई धर्म में दीक्षा) देने की परंपरा रही है। इसे आध्यात्मिक रूप से नया जन्म माना जाता है।
5. लेंट (Lent) के उपवास का समापन
यह दिन 40 दिनों के उपवास और तपस्या के काल 'लेंट' का आखिरी दिन होता है। इसके बाद अगले दिन ईस्टर संडे को बड़े जश्न के साथ उपवास खोला जाता है।
6. ईस्टर सैटरडे और ईस्टर संडे में अंतर:
ईस्टर सैटरडे (Holy Saturday)
भाव- शोक, मौन और इंतजार
प्रतीक- यीशु का कब्र में होना
आयोजन- रात की विशेष प्रार्थना (Vigil)
ईस्टर संडे (Easter Sunday)
भाव- हर्ष, उल्लास और विजय
प्रतीक- यीशु का मृत्यु पर विजय पाकर जीवित होना
आयोजन- सुबह की मुख्य प्रार्थना और उत्सव
एक छोटी सी स्पष्टता: कई लोग भ्रमवश ईस्टर के बाद आने वाले शनिवार को 'ईस्टर सैटरडे' कहते हैं, लेकिन धार्मिक रूप से यह नाम गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे के बीच वाले 'हॉली सैटरडे' के लिए ही सबसे ज्यादा प्रचलित है।
संक्षेप में कहा जाए तो ईस्टर सैटरडे (Easter Saturday), जिसे हॉली सैटरडे (Holy Saturday) या 'महान शनिवार' भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के पवित्र सप्ताह (Holy Week) का एक महत्वपूर्ण दिन है। यह 'गुड फ्राइडे' के अगले दिन और 'ईस्टर संडे' के एक दिन पहले आता है।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
ALSO READ: Easter Sunday 2026: ईस्टर संडे का महत्व, इतिहास और पौराणिक परंपराएं
WD Feature Desk
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 (10:39 IST)
Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 (10:45 IST)