7 अप्रैल को गुड फ्राइडे, क्या है इस दिन का महत्व
Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
ईसाई समुदाय में गुड फ्राइडे (गुड फ्रायडे, Good Friday) का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुड फ्रायडे का अर्थ है शुभ शुक्रवार। इस वर्ष गुड फायडे 7 अप्रैल 2023, दिन शुक्रवार को मनाया जा रहा है।
दुनिया में लोगों के इतने पाप बढ़ गए थे कि पापों का छुटकारा मनुष्यों के लिए संभव नहीं था। अत: पापों से छुटकारे के लिए प्रभु यीशु मसीह ने अपना बलिदान क्रूस पर चढ़ कर दिया, जिससे संसार में पाप कम हो।
ईसाई समाज में पूरे विश्व में गुड फ्रायडे की तैयारी में चालीस दिन का शोक मनाया जाता है। जिसमें करोड़ों मसीह यीशु के अनुयायी निराहार उपवास करते हैं।
प्रतिदिन यह प्रार्थना, उपवास चालीस दिनों तक घरों में किया जाता है, ताकि सबका उद्धार हो। यीशु मसीह के दुखों को स्मरण करके घर-घर में प्रार्थना सभा, बाइबल अध्ययन, संगीत, प्रवचन व प्रार्थना कर लोगों को अपने पापों से शुद्धिकरण, पश्चाताप करने तथा अपने गुनाहों की माफी के लिए तैयार करते हैं।
माना जाता है कि यरूशलम प्रांत में ईसा मसीह लोगों के मानव जीवन के कल्याण के लिए उपदेश दे रहे थे। जिसे सुनन के बाद लोग उन्हें ईश्वर मानने लगे थे। लेकिन कुछ धर्मगुरु उनसे चिढ़ते थे और जलते थे। लेकिन ईसा मसीह ने लोगों के दिलों में अलग की जगह बना ली थी।
अन्य धर्मगुरुओं द्वारा रोम के शास पिलातुस से शिकायत कर दी। कहां- यह अपने आप को ईश्वर पुत्र बता रहे हैं। शिकायत के बाद उन पर राजद्रोह का आरोप लगा दिया गया। उन्हें क्रूज पर मृत्युदंड देने का फरमान जारी किया। कीलों की मदद से उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया।
इतिहास के मुताबिक उन्हें गोलागोथा नामक सूली पर चढ़ाया गया था और इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। अत: यह दिन इसलिए मनाया जाता है क्योंकि जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया उस दिन गुड फ्राइडे था। उनकी याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है।
शुक्रवार से लेकर पवित्र शनिवार की मध्यरात्रि तक 3 दिन कब्र में रहने के बाद ईस्टर के दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हो गए। अत: पवित्र शुक्रवार के सारे घटनाक्रम सभी का ध्यान इसी दुख की ओर आकर्षित करते हैं और इसी सहनशीलता में ईश्वरीय महिमा के दर्शन करते हैं।
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