dharma sangrah

छठ पर्व प्रारंभ: क्या होता है नहाय खाय

Webdunia
Chhath puja 2023: 17 नवंबर 2023, दिन शुक्रवार से छठ पूजा प्रारंभ हो गई है। छठ पूजा में सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा का प्रचलन और उन्हें अर्घ्य देने का विधान है। प्रतिवर्ष छठ पूजा का प्रारंभ हिन्दू माह कार्तिक मास के शुक्ल की चतुर्थी तिथि से होता है और षष्ठी तिथि को कठिन व्रत रखा जाता है तथा दूसरे दिन सप्तमी को इसका पारण होता है। छठ पूजा के पहले दिन को नहाय खाय कहते हैं, दूसरे दिन को खरना, तीसरे दिन को सांध्य अर्घ्‍य और चौथे दिन को उषा अर्घ्‍य कहते हैं। जानते हैं पहले दिन क्या करते हैं।
 
आइए यहां जानते हैं छठ पूजा के पहले दिन यानी चतुर्थी के दिन के नियम क्या है?
 
नहाय खाय क्या होता है, क्या है नियम- 
 
- पहले दिन नहाय खाय अर्थात घर, पूजाघर आदि की साफ-सफाई आदि करने के बाद अच्छे से स्नान करते हैं। इस दिन से घर और शरीर को भीतर और बाहर से शुद्ध किया जाता है। इस दिन स्नान करके नए कपड़े धारण करना चाहिए।
 
- इसके बाद शुद्ध शाकाहारी भोजन बनाकर उसका सेवन करते हैं। घर में लौकी या कद्दू की सब्जी बनती है। इस दिन भोजन में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। सभी में शुद्धता का ध्यान रखा जाता है।
 
- इस दिन सिर्फ एक समय की अच्‍छे से भोजन करते हैं। शाम को फलाहार लेते हैं। किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन नहीं किया जाता है। 
 
- इस दिन नारंगी सिंदूर लगाने के बाद छठ का प्रासाद बनाना भी प्रारंभ किया जाता है। इसमें प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं किया जाता है। 
 
- छठ मैया और सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद ही भोजन ग्रहण किया जाता है। व्रती के प्रसाद को सभी सदस्य बांटकर खाते हैं।
 
- इसी दिन से अगले दिन खरना की तैयारी की जाती है।

ALSO READ: Chhath Puja 2023: छठ पर्व के शुभ मुहूर्त, महत्व, कथा, आरती, चालीसा सहित समस्त सामग्री एक साथ

ALSO READ: छठ पर्व 2023: सूर्य उपासना का पर्व छठ, पढ़ें आरती, चालीसा, आदित्य हृदय स्तोत्र, मंत्र, स्तुति सब एक साथ

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सावन का दूसरा सोमवार 2026: कब है, क्या रहेगा शिव पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि?

ओणम 2026: केरल में शुरू हुई तैयारियां, जानिए कब है यह पर्व और क्या है इसका धार्मिक महत्व

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग- 4 : इलायची)

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन! जानिए पहले कौन-सी पूजा करें और कब करें गणेश स्थापना

अगला लेख