Publish Date: Sat, 28 Feb 2015 (18:38 IST)
Updated Date: Sat, 28 Feb 2015 (18:43 IST)
नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि सरकार वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) में विदेशी निवेश की मंजूरी देगी। ये एक किस्म की रीयल एस्टेट, निजी इक्विटी और हेज फंडों की मिलीजुली (पूल्ड-इन) निवेश इकाइयां हैं।
लोकसभा में 2015-16 का बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे निवेशों के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जैसे विभिन्न खंडों को खत्म करेगी ताकि विदेशी निवेशकों के लिए एआईएफ में निवेश आसान हो।
एआईएफ मूल रूप से भारत में गठित कोष हैं जिसका उद्देश्य है पूर्व-निर्धारित नीति के मुताबिक निवेश के लिए भारतीय निवेशकों से पूंजी संग्रह (पूल-इन) करना।
सेबी के दिशा-निर्देश के मुताबिक एआईएफ आमतौर पर तीन खंडों में परिचालन कर सकते हैं। सेबी के नियम सभी एआईएफ पर लागू होते हैं जिनमें निजी इक्विटी फंड, रीयल एस्टेट फंड और हेज फंड आदि शामिल हैं। (भाषा)