Publish Date: Sat, 28 Feb 2015 (15:57 IST)
Updated Date: Sat, 28 Feb 2015 (16:10 IST)
नई दिल्ली। सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अजा, जजा) के उद्यमियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुद्रा बैंक स्थापित करेगी।
इस पुनर्वित्त एजेंसी की स्थापना 20,000 करोड़ रुपए के शुरुआती कोष के साथ की जाएगी। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद आम बजट 2015-16 पेश करते हुए यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि मैं लघु इकाई विकास पुनर्वित्त एजेंसी, मुद्रा बैंक के गठन का प्रस्ताव करता हूं जिसका शुरुआती कोष 20,000 करोड़ रुपए होगा। इसका ऋण गारंटी कोष 3,000 करोड़ रुपए होगा।
उन्होंने कहा कि मुद्रा बैंक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पुनर्वित्त संस्थान होगा। इसकी प्राथमिकता अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की होगी।
उन्होंने कहा कि 5.77 छोटी कारोबारी इकाइयां छोटी विनिर्माण व प्रशिक्षण कारोबार चला रही हैं। इनमें से 62 प्रतिशत का स्वामित्व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के पास है। (भाषा)