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सारा तेंदुलकर ने बताया कैसा होना चाहिए उनका फ्यूचर पार्टनर, सचिन-अंजलि की जोड़ी से ली प्रेरणा

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Sara Tendulkar
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर हमेशा ही अपनी सादगी और ग्लैमरस स्टाइल को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। 28 साल की सारा तेंदुलकर, जो पेशे से एक न्यूट्रिशनिस्ट, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और वेलनेस एंटरप्रेन्योर हैं, अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को काफी बैलेंस रखकर चलती हैं। 
 
हाल ही में एक मशहूर लाइफस्टाइल मैगजीन 'वोग इंडिया' को दिए इंटरव्यू में सारा ने अपने फ्यूचर पार्टनर, मैरिज गोल्स और आज के दौर के रिश्तों पर बेबाकी से अपने विचार साझा किए हैं। सारा तेंदुलकर का मानना है कि शादी जैसे बड़े फैसले को किसी सामाजिक दबाव या तय उम्र की सीमा में बांधकर नहीं लिया जाना चाहिए।
माता-पिता की बॉन्डिंग से मिली 'परफेक्ट पार्टनर' की प्रेरणा
इंटरव्यू के दौरान जब सारा से उनके सपनों के राजकुमार और होने वाले जीवनसाथी के गुणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि इसका उत्तर उनके अपने घर में ही छुपा हुआ है। सारा ने बताया कि उनके माता-पिता यानी सचिन तेंदुलकर और अंजलि तेंदुलकर का रिश्ता उनके लिए एक आदर्श मिसाल है।
 
सारा ने खुलासा किया कि उनके घर का माहौल हमेशा हंसी-मजाक से भरा रहता है। सचिन और अंजलि सिर्फ पति-पत्नी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के बेहतरीन दोस्त हैं।
 
सारा ने कहा, मेरे माता-पिता किसी भी चीज़ से पहले एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे घर में उनके बीच हमेशा एक मजेदार और प्यारी नोक-झोंक चलती रहती है। एक बेटी होने के नाते, बचपन से इस बॉन्डिंग को देखते हुए मैंने यही सीखा है कि मैं भी अपने भविष्य के पार्टनर में यही खूबी और दोस्ती तलाशना चाहती हूँ।
"गलत रिश्ते से शादी से पहले ही बाहर निकलना बेहतर"
आजकल की पीढ़ी (Gen Z) के रिश्तों को संभालने के तरीके पर बात करते हुए सारा तेंदुलकर ने बेहद परिपक्व विचार व्यक्त किए। उन्होंने माना कि पुरानी पीढ़ी की तुलना में आज के युवा अपने आत्मसम्मान और मानसिक शांति को लेकर अधिक जागरूक और सशक्त हैं।
 
सारा का मानना है कि शादी जैसे अहम मोड़ पर पहुंचने के बाद भी अगर किसी को महसूस होता है कि रिश्ता सही नहीं चल रहा है, तो बिना झिझक पीछे हट जाना एक समझदारी भरा कदम है।
उन्होंने कहा, मैंने कई बार लोगों को सगाई करते देखा है और फिर शादी की तैयारियों के बीच उन्हें यह अहसास होता है कि 'मैं इसे आगे नहीं निभा सकता/सकती।' ऐसे समय में शादी के अटूट बंधन में बंधने से पहले सही वक्त पर बाहर निकल जाना एक बहुत बड़ा और सही फैसला होता है।
 
रिलेशनशिप में फैसलों को लेकर पीढ़ियों के अंतर पर प्रकाश डालते हुए सारा ने कहा कि पहले के समय में लोग सामाजिक दबाव, लोक-लाज या डर की वजह से समझौता कर लेते थे और नाखुश रहते हुए भी रिश्ते में टिके रहते थे। इसके विपरीत, आज की Gen Z पीढ़ी अपने हक और खुशियों के लिए स्टैंड लेना जानती है।

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