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क्या सेंसर बोर्ड ने होल्ड किया 'मातृभूमि' का सर्टिफिकेशन? सलमान खान फिल्म्स ने बताया सच

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Salman Khan
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की फिल्मों का फैंस को हमेशा बेसब्री से इंतजार रहता है। इन दिनों सलमान खान अपनी आगामी वॉर-ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फिल्म के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेशन को लेकर कई तरह के विवादों की खबरें तैर रही थीं। 
 
अब इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए खुद सलमान खान फिल्म्स ने एक आधिकारिक और बड़ा बयान जारी किया है। सलमान खान फिल्म्स ने 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर हाल ही में सामने आई अटकलों को खारिज कर दिया है। 
प्रोडक्शन हाउस ने साफ किया है कि फिल्म को लेकर CBFC सर्टिफिकेशन में किसी तरह की दिक्कत आने की खबरें गलत हैं। बैनर ने बताया कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा ही नहीं गया है, इसलिए इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है। 
साथ ही, उन्होंने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाली जानकारी शेयर न करें। फिल्म से जुड़ी सभी आधिकारिक घोषणाएं सिर्फ सलमान खान फिल्म्स के ऑफिशियल कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए ही की जाएंगी।
 
क्या है पूरा विवाद और सलमान खान फिल्म्स का जवाब?
हाल ही में मीडिया गलियारों और इंटरनेट पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं कि फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' के कुछ दृश्यों या विषय वस्तु को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने आपत्ति जताई है और फिल्म का सर्टिफिकेशन होल्ड पर रख दिया है। इन खबरों के सामने आने के बाद फैंस के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
बता दें कि इस फिल्म की घोषणा पहले 'बैटल ऑफ गलवान' के नाम से की गई थी। यह फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई ऐतिहासिक और साहसी झड़प से प्रेरित है, जिसमें भारतीय सेना के जांबाज कर्नल बी. संतोष बाबू और उनके जवानों ने अदम्य वीरता का परिचय दिया था। चित्रांगदा सिंह भी फिल्म में अहम भूमिका में दिखेंगी।
 
हाल ही में निर्देशक अपूर्वा लखिया ने फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' करने के पीछे की वजह साझा की थी। उन्होंने बताया था कि यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध या सैन्य टकराव के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के भीतर चलने वाले मौन संघर्ष, उनके बलिदान, मानवता और वैश्विक शांति के संदेश को दर्शाती है।
 

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