Publish Date: Sun, 31 Jan 2021 (13:05 IST)
Updated Date: Sun, 31 Jan 2021 (20:20 IST)
कोरोनावायरस के कारण लंबे समय से सिनेमाघर बंद रहे थे। अनलॉक के दौरान सिनेमाघरों को खोला तो गया था लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए नियम भी बनाए गए थे। सरकार की गाइडलाइन्स के मुताबिक सिनेमाघरों को अधिकतम 50 प्रतिशत सीटों के उपयोग की अनुमति थी यानी थिएटर में पहुंचा हर शख्स एक सीट छोड़कर ही बैठ सकता था।
लेकिन अब दर्शकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर सामने आई है। सिनेमाघरों को 100 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ खोलने की इजाजत मिल गई है। इसका मतलब है कि अब थिएटर्स में हर सीट पर ही लोगों के लिए बैठने की व्यस्था होगी।
सिनेमाघरों में 100 प्रतिशत क्षमता को मिली इजाजत के बाद फिल्म बिजनेस से जुड़े हर शख्स में खुशी की लहर है। इस संबंध में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सिनेमा हॉल और सिनेमाघरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है।
मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के अंतर्गत सभागार और आम क्षेत्रों में कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। सिनेमाघरों में प्रवेश करने वाले लोगों का मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सिनेमाहॉल के प्रवेश करने वाले और बाहर निकालने वाले हर द्वार पर लोगों के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य है।
सिनेमा हॉल में थूकना वर्जित होगा। सिनेमाघरों में आने वाले लोगों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु एप का होना अनिवार्य होगा। यह सभी नियम 1 फरवरी से लागू होंगे और 100% कैपिसिटी के साथ सिनेमा हॉल कार्य करेंगे। इसके अलावा पार्किंग लॉट्स और सिनेमा हॉल के आसपास भीड़ पर नियंत्रण करने के आदेश भी दिए गए है।
सिनेमा हॉल के कॉमन एरिया, लॉबी और वाशरूम के बाहर इंटरवल के समय भीड़ इक्कट्ठा होना भी वर्जित होगा। इंटरवल में दर्शकों को अपनी सीट ना छोड़ने के लिए कहा जा सकता है, साथ ही लंबे इंटरवल भी रखे जाएंगे, जिससे नियमों के अनुसार अलग-अलग सीटों पर बैठे लोगों को ऑडिटोरिम में मूवमेंट करने में आसानी हो।
बता दें कि केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर को मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को सख्त मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी थी। गृह मंत्रालय ने विशिष्ट स्थितियों के आधार पर इस मामले पर अंतिम निर्णय लेने के लिए राज्यों को छूट दी थी।