Publish Date: Mon, 26 Oct 2015 (18:38 IST)
Updated Date: Mon, 26 Oct 2015 (18:42 IST)
बक्सर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू), कांग्रेस और कुछ अन्य राजनीतिक दलों पर दलितों और पिछड़े वर्ग को मिले आरक्षण में से 5 प्रतिशत आरक्षण संप्रदाय के नाम पर छीनने का षड्यंत्र करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि इसे बचाने के लिए वे जान की बाजी लगा देंगे।
मोदी ने यहां चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं दलितों और पिछड़ों को विश्वास दिलाता हूं कि उन्हें मिले आरक्षण में से रत्तीभर आरक्षण छीनने की कोशिश की गई तो मैं जान की बाजी लगा दूंगा लेकिन यह षड्यंत्र कामयाब नहीं होने दूंगा। मेरी जिम्मेदारी बन गई है कि मैं इस साजिश का खुलासा करूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दल चुनाव के समय 2 से 4 प्रतिशत आरक्षण बांटते थे लेकिन उच्चतम न्यायालय ने आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत निर्धारित कर दी है जिसके आगे कोई सरकार किसी को आरक्षण दे नहीं सकती।
इसके मद्देनजर राजद, जदयू, कांग्रेस और कुछ अन्य राजनीतिक दल दलितों, महादलितों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों को मिले 50 प्रतिशत आरक्षण में से 5 प्रतिशत आरक्षण संप्रदाय के नाम पर छीनने की साजिश रच रहे हैं जिसका खुलासा करना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संविधान में साफतौर पर लिखा है कि धर्म और संप्रदाय के नाम पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता फिर भी कुछ सियासी दल संप्रदाय विशेष को आरक्षण देने के लिए दलितों और पिछड़ों को मिले आरक्षण में से 5 फीसदी आरक्षण छीनने की कोशिश करने का षड्यंत्र कर रहे हैं जिसे वे किसी कीमत पर कामयाब नहीं होने देंगे।
दूसरी हरित क्रांति बिहार से आएगी : महागठबंधन के नेताओं सोनिया गांधी, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद पर बिहार में खेती और किसानों को नजरंदाज करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि हिन्दूस्तान में दूसरी हरित क्रांति बिहार से ही आएगी।
मोदी ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहली हरित क्रांति पंजाब, हरियाणा से आई थी। पंजाब में केवल 5 नदियां हैं लेकिन वहां किसानों ने इसका उपयोग करके खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया।
बिहार में उपजाऊ जमीन है, किसान बुद्धिमान और मेहनतकश हैं और पानी की कोई कमी नहीं है लेकिन खेतों को पानी नहीं मिल रहा है। अगर खेतों को पानी मिल जाए तो किसान की मेहनत से दूसरी हरित क्रांति बिहार में आएगी।
राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत इतना पैसा आता है और अगर इसी पैसे से नहरों की सफाई करा दी जाती और खेतों तक पानी पहुंचा दिया जाता तो यहां के किसान पूरे देश का पेट भर देते।
मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र का किसान देश का पेट भरने की ताकत रखता है लेकिन रोजगार के लिए उसे घर-बार छोड़कर जाना पड़ रहा है।
विकास की अपनी अवधारणा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं विकास की बात करता हूं तो मेरी समझ है कि देश का पश्चिमी छोर विकास करे और पूर्वी छोर पीछे रह जाए, तब देश का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए पश्चिमी क्षेत्र के साथ पूर्वी क्षेत्र का भी समान विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर क्षेत्रों को आगे बढ़ना चाहिए और यही मेरा प्रयास होगा।
बिहार पैकेज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने सवा लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया था और पूर्व की योजनाओं के लिए अलग से 40 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया था।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि बिहार का भाग्य बदले और लोगों के जीवन में बदलाव आए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव बुराई से मुक्ति और 25 साल के जुल्म से मुक्ति का पर्व है। (एजेंसियां)
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Publish Date: Mon, 26 Oct 2015 (18:38 IST)
Updated Date: Mon, 26 Oct 2015 (18:42 IST)