Publish Date: Sat, 07 Nov 2015 (16:48 IST)
Updated Date: Sat, 07 Nov 2015 (16:54 IST)
नई दिल्ली। पांच चरण का मतदान खत्म होते ही बिहार में मुख्यमंत्री पद की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। महागठबंधन की ओर से नीतीश कुमार दावेदार हैं और चुनाव पूरा होने के बाद लालू प्रसाद ने फिर से साफ कर दिया कि उनकी पार्टी को भी ज्यादा सीटें आईं तब भी नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। इसलिए उस खेमे में कोई कंफ्यूजन नहीं है।लेकिन भाजपा की ओर से कौन बनेगा मुख्यमंत्री का खेल शुरू हो गया है।
भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि अगर टुडेज चाणक्य का एग्जिट पोल सर्वेक्षण सही हुआ और भाजपा गठबंधन को डेढ़ सौ से ज्यादा सीटें आईं तब तो कोई खट्टर खोजा जाएगा। तब नरेंद्र मोदी और अमित शाह किसी को भी मुख्यमंत्री बना सकते हैं।
ऐसी स्थिति में राजेंद्र सिंह, रामेश्वर चौरसिया, गोपाल नारायण सिंह, प्रेम कुमार, मंगल पांडेय आदि नेता दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन अगर त्रिशंकु विधानसभा आई या भाजपा गठबंधन जैसे-तैसे बहुमत तक पहुंचा तो एकमात्र दावेदार सुशील कुमार मोदी होंगे। बताया जा रहा है कि सहयोगी पार्टियों के नेताओं को उनके नाम पर आपत्ति नहीं है। रामविलास पासवान पहले ही उनको मुख्यमंत्री मानने का संकेत दे चुके हैं।
तीसरी स्थिति सहयोगी पार्टियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद की है। अगर भाजपा पूरी तरह से सहयोगियों पर निर्भर हुई तो भाजपा को थोड़ी मुश्किल आ सकती है। खास कर जीतन राम मांझी की ओर से। वे दलित मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर सकते हैं, जिसका विरोध पासवान भी नहीं करेंगे।