Publish Date: Tue, 03 Nov 2015 (20:16 IST)
Updated Date: Tue, 03 Nov 2015 (20:19 IST)
पटना। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बिहार में जाकर महागठबंधन के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की हसरत राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की वजह से पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि उन्हें ट्वीट के जरिए ही महागठबंधन के पक्ष में बिहार की जनता से अपील करके संतोष करना पड़ा।
बताया जाता है कि केजरीवाल ने जनता दल (यू) नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इच्छा जताई थी कि वे भी उनके चुनाव प्रचार के लिए बिहार आना चाहते हैं। उनकी इस इच्छा की भनक लालू यादव और कांग्रेस के नेताओं को भी पहले से थी और वे नहीं चाहते थे कि केजरीवाल बिहार में प्रचार के लिए आए।
लालू ने इस बारे में नीतीश को पहले ही आगाह कर दिया था। नीतीश कुमार को भी इस बात का अहसास था कि अगर उन्होंने केजरीवाल को बिहार बुला लिया और उन्होंने लालू या कांग्रेस नेताओं के खिलाफ वैसी ही कोई बात कह दी जैसी कि वे अण्णा हजारे के लोकपाल आंदोलन के दौरान कहा करते थे तो उनके लिए असहज स्थिति पैदा हो जाएगी।
फिर भाजपा की ओर से भी उन्हें आशंका थी कि वह केजरीवाल के बिहार आने पर उनके लालू और कांग्रेस विरोधी पुराने बयानों का इस्तेमाल कर महागठबंधन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है। यही सब सोच कर नीतीश कुमार ने केजरीवाल को बिहार आने से रोक दिया। केजरीवाल को भी हालात की नजाकत भांपते हुए बिहार जाने के बजाया ट्वीट के जरिए ही नीतीश कुमार के पक्ष में बिहार की जनता के नाम अपील जारी कर संतोष करना पड़ा।