Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: आने वाले समय में देश-दुनिया में क्या होगा? जानिए बड़ी भविष्यवाणियां

भविष्य मालिका की भविष्यवाणियां: कलयुग का अंत, महाविनाश और नए युग का आगाज

Advertiesment
bhavishya malika ki bhavishyavani
'भविष्य मालिका' उड़ीसा के संत अच्युतानंद दास और पंचसखा संतों द्वारा लगभग 600 वर्ष पहले ताड़पत्रों पर लिखा गया एक अति प्राचीन ग्रंथ है। इसमें कलयुग के अंत, प्राकृतिक आपदाओं, महायुद्धों और नए युग की शुरुआत (युग परिवर्तन) को लेकर कई चौंकाने वाली बातें कही गई हैं। ग्रंथ के अनुसार, पूरी सृष्टि मुख्य रूप से तीन चरणों से गुजरेगी: कलयुग का अंत, महाविनाश और नए सतयुग का आगमन।

1. सामाजिक व नैतिक पतन और कलयुग की समाप्ति

नैतिकता का ह्रास: कलयुग के अंतिम समय में आस्तिकों की संख्या घटेगी और इंसान व्यभिचारी हो जाएंगे। अप्राकृतिक संबंधों का चलन बढ़ेगा।
कलयुग के अंत का संकेत: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और गुरुवार के दुर्लभ संयोग के साथ कलि-युग के चक्र का अंत प्रारंभ माना जाएगा।

2. अलौकिक संकेत, 'भैरवी डाक' और 7 दिनों का अंधेरा

भैरवी डाक: मीन राशि में शनि के गोचर (मीन शनि योग) के समय देवी भैरवी की भयानक गर्जना (डाक) तीन बार सुनाई देगी, जो महाविनाश का अलार्म होगी।
7 दिनों तक अंधेरा: 2026 से 2029 के बीच प्राकृतिक उथल-पुथल के कारण पृथ्वी पर लगातार 7 दिनों तक सूर्य दिखाई नहीं देगा और घना अंधेरा छाया रहेगा।
दो सूर्य का भ्रम: आकाश में किसी आकाशीय पिंड या उल्कापिंड के प्रकट होने से दो सूर्य निकलने का आभास होगा। यह पिंड बाद में बंगाल की खाड़ी में गिरेगा।
मानव-जीव संघर्ष: शहरों में जंगली जानवर घुस आएंगे और इंसानों व जानवरों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनेगी।

3. भयंकर प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन

महाभूकंप और सुपर फ्लड्स: 10.0 की तीव्रता से अधिक के विनाशकारी भूकंप आएंगे। लगातार 7 दिनों की मूसलाधार बारिश से 'सुपर फ्लड्स' की स्थिति बनेगी।
समुद्र जलस्तर और जगन्नाथ मंदिर: समुद्र का जलस्तर इतना बढ़ेगा कि पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की 22वीं सीढ़ी तक पानी आ जाएगा और उड़ीसा का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाएगा। इसके बाद बप्पा/विग्रह को 'छातियाबटा' ले जाया जाएगा।
अत्यधिक ठंड और अमेरिका का डूबना: भारत के दिल्ली और कश्मीर जैसे क्षेत्रों में जीवन को ठप कर देने वाली ठंड पड़ेगी, वहीं अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाएगा।
महामारियां: कोविड-19 से भी अधिक घातक व संक्रामक बीमारियां फैलेंगी, जिन पर मेडिकल दवाइयां निष्प्रभावी साबित होंगी।

4. तृतीय विश्व युद्ध और भू-राजनीतिक उथल-पुथल

विश्व युद्ध का समयावधि: तीसरा विश्व युद्ध कुल 6 वर्ष 6 माह तक चलेगा, जिसके अंतिम 13 महीनों में भारत प्रत्यक्ष रूप से शामिल होगा।
भारत-पाकिस्तान महायुद्ध: पाकिस्तान, भारत के खिलाफ 13 मुस्लिम देशों और चीन के साथ मिलकर एक बड़ा सैन्य गठबंधन बनाएगा। भारत पर हमला होगा और मक्का-मदीना के क्षेत्रों में भी भीषण संघर्ष छिड़ेगा।
वैश्विक देशों का भविष्य: युद्ध के अंत में पाकिस्तान का अस्तित्व समाप्त होकर उसके कई टुकड़े हो जाएंगे। चीन का भी विभाजन होगा। यूरोप की आबादी बड़े पैमाने पर नष्ट होगी और रूस अंततः विजयी होकर एक हिंदू राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
 

5. भारत में शासन व्यवस्था और विश्व का नेतृत्व

सैन्य आपातकाल (मिलिट्री शासन): युद्ध और संकट के समय भारत में मिलिट्री इमरजेंसी (आपातकाल) लागू होगा।
योगी पुरुष का नेतृत्व: इस दौरान भारत की बागडोर एक शक्तिशाली, अविवाहित हिंदू योगी संत के हाथों में होगी (जिनकी अपनी कोई संतान नहीं होगी)। वर्तमान में 'गगन गादी' और उड़ीसा में 'दिव्य सिंह राजा गादी' की स्थिति इसका मुख्य संकेत मानी जा रही है।
विश्व गुरु भारत: भारत युद्ध जीतकर महाशक्ति के रूप में उभरेगा और पूरे विश्व में धर्म के आधार पर शांति स्थापित कर वैश्विक नेतृत्व करेगा।

6. महाप्रलय, जनसंख्या का ह्रास और सतयुग की स्थापना

जनसंख्या में भारी गिरावट: युद्ध, महामारियों और आपदाओं के कारण पृथ्वी की 75% आबादी समाप्त हो जाएगी। दुनिया में लगभग 64 करोड़ लोग ही जीवित बचेंगे।
भगवान कल्कि का प्राकट्य: अधर्म के नाश और धर्मपरायण 25% सात्विक आबादी की रक्षा के लिए भगवान विष्णु के 10वें 'कल्कि अवतार' का प्रभाव प्रकट होगा।
सृजन और सतयुग (2032-2034): 2032 से 2034 के बीच कलयुग का पूर्ण अंत होकर 'सतयुग' की नींव रखी जाएगी। इसके बाद अगले 1,000 वर्षों तक पृथ्वी पर शांति, सत्य और सनातन धर्म का साम्राज्य बना रहेगा।
 
डिस्क्लेमर: यह आलेख कथावाचक पंडित काशीनाथ मिश्र द्वारा संकलित 'भविष्य मालिका पुराण' के संदर्भों पर आधारित एक धार्मिक व पौराणिक विवरण है। इसके सत्य या असत्य होने का कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक दावा नहीं किया जाता है।
ALSO READ: Kalagnanam Granth: भविष्‍य मालिका ग्रंथ की तरह है भविष्यवाणियों का ग्रंथ- कालज्ञानम्

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Sarvapitri Amavasya 2026: श्राद्ध पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या कब है?