khatu shyam baba

Skin Care : घर में रहते हुए मुरझा गई है त्वचा, इन 5 उपायों से मिलेगी ताजगी

Webdunia
लॉकडाउन का समय चल रहा है। इस वक्त सभी अपने-अपने घरों में हैं और अपनी त्वचा की केयर को लेकर परेशान हैं, क्योंकि इस वक्त सैलून भी नहीं जा पा रहे हैं। लेकिन इस बात से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे सुपर टिप्स जिनको अपनाकर आप अपनी मुरझाई त्वचा में फिर से चमक ला सकते हैं।
 
तो आइए जानते हैं कुछ खास 5 उपाय जिन्हें अपनाकर आप पा सकती हैं बेदाग व निखरी त्वचा
 
1. केला फेस पैक : यह सबसे आसान फेस पैक है। इसके लिए केले को मसल लें और इस पेस्ट को अपने चेहरे तथा गर्दन पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। इससे आपका चेहरा ग्‍लो करने लगेगा।
 
2. एप्पल मास्क बनाने के लिए : आप आधा सेब काटकर उसे मैश कर लें। अब इसमें क्रीम वाला दूध डालकर अच्छे से मिक्स करके पेस्ट बना लें। आपका एप्पल मास्क तैयार है। अब इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें, फिर चेहरा धो लें।
 
3. अंडे की सफेदी का फेस मास्क : अंडे की सफेदी को अच्छी तरह से फेंट लें और अब इसे अपने पूरे चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद अपने चेहरे को धो लें। ध्यान रखें कि जब भी आप इस फेस मास्क को अपने चेहरे पर लगाएं तो बातचीत करने से बचें।
 
4. एलोवेरा और अंडे का फेस मास्क : एलोवेरा जेल लें। अब इसमें अंडे की सफेदी मिला लें। इसे अच्छी तरह से फेंट लें। अब इसे अपने चेहरे पर नीचे से ऊपर की तरफ लगाएं। यह आपकी त्वचा की टाइटनिंग के लिए बहुत अच्छा फेस मास्क है।
 
5. खीरे, पपीता और टमाटर का फेस मास्क : अगर आपके चेहरे पर काले-काले धब्बे हो गए हों तो खीरे, पपीता और टमाटर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लेप करें।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

हिन्दी कविता : होलिका दहन

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

सभी देखें

नवीनतम

Womens day essay: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरक हिन्दी निबंध

कैंसर शरीर में कैसे फैलता है? जर्मन रिसर्च टीम ने किया नया खुलासा

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

जमाने का सबसे बड़ा रोग!

मिसाल है माननीयों की दूरदर्शिता

अगला लेख