Hanuman Chalisa

वो आसमानी जाल, जो अंतरिक्ष का कचरा बटोरेगा

Webdunia
बुधवार, 26 सितम्बर 2018 (14:15 IST)
ब्रिटेन की एक सैटेलाइट ने पृथ्वी की कक्षा में एक जाल लगाया है जो स्पेस के कचरे को इकट्ठा करेगा। प्रयोग के तौर पर शुरू की गई यह कोशिश उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसके ज़रिए अंतरिक्ष को कचरा मुक्त बनाने की योजना है।
 
 
यह जाल पृथ्वी से 300 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर लगाया गया है। यह समझा जाता है कि क़रीब साढ़े सात हज़ार टन कचरा पृथ्वी की कक्षा में तैर रहा है, जो उन उपग्रहों के लिए ख़तरा है, जिन्हें किसी ख़ास मकसद से लॉन्च किया गया है। जाल के प्रयोग का सैटेलाइट के ज़रिए वीडियो भी बनाया गया है, जिसमें एक जूते के डिब्बे के आकार के स्पेस कचरे को यह फांसता हुआ दिख रहा है। 
 
 
सूरे स्पेस सेंटर के निदेशक प्रोफेसर गुगलाइलमो अगलीती कहते हैं, "जैसी हमलोगों की उम्मीदें थी, यह वैसा ही काम कर रहा है।" "आप साफ़तौर पर देख सकते हैं कि यह कैसे जाल में फंसा। हम लोग किए गए इस प्रयोग से ख़ुश हैं।"
 
आगे क्या होगा
यह महज़ एक प्रयोग था, जिसमें एक जूते के डिब्बे के आकार के कचरे को दूसरे सैटेलाइट से पृथ्वी की ओर गिराया गया था, जिसे बाद में जाल में फांसा गया। अगर वास्तव में ऐसा हो पाएगा तो कचरे को फांसने के बाद सैटेलाइट की मदद से जाल इसे पृथ्वी की कक्षा से बाहर कर देगा।
 
 
पृथ्वी की कक्षा मैं तैर रहे कचरे को हटाने की बात होती रही है। कई प्रयोग भी इस पर चल रहे हैं पर दावा किया जा रहा है कि यह पहली दफ़ा है जब इस तरह का सफल प्रयोग किया गया है।
 
 
जल्द ही अब इस कोशिश के तहत दूसरे चरण का प्रयोग किया जाएगा, जिसमें एक कैमरा लगाया जाएगा जो स्पेस के वास्तविक कचरे को क़ैद कर सके ताकि उन्हें हटाना आसान हो। यह उम्मीद की जा रही है कि नए साल की शुरुआत तक इससे और बेहतर तरीक़े से काम लिया जा सकेगा।
 
 
स्पेस कचरे से कितना ख़तरा
पृथ्वी की कक्षा में लाखों टुकड़े तैर रहे हैं। ये टुकड़े पुराने और सेवा से बाहर हो चुके उपग्रहों के अंश और अंतरिक्ष यात्रियों के द्वारा ग़लती से छूटे कुछ उपकरण हैं। डर यह है कि अगर इन कचरों को हटाया नहीं गया तो यह काम में आ रही उपग्रहों को क्षतिग्रस्त कर देगा।
 
 
इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे इंजीनियर अलस्टेयर वेमैन कहते हैं, "अगर ये टुकड़े आपस में टकराते हैं तो और अधिक कचरा बनेगा। अधिक कचरा बनने से टकराने की आशंका दिनों-दिन बढ़ती चली जाएगी और एक दिन यह बड़ी परेशानी ला सकती है।"
 
 
आने वाले समय में ज़रूरतों के हिसाब से कई सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में लॉन्च किए जाएंगे। अगर स्पेस कचरे से निपटा नहीं गया तो योजनाएं फ़ेल हो सकती हैं।
 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

अब UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जानिए पूरा आसान प्रोसेस

Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी

Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश

Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल

Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?

Poco X8 Pro सीरीज भारत में लॉन्च: 9000mAh बैटरी और 'आयरन मैन' अवतार में मचाएगा धूम, जानें कीमत और फीचर्स

iQOO का धमाका! 7200mAh बैटरी और 32MP सेल्फी कैमरा के साथ iQOO Z11x 5G भारत में लॉन्च

Poco X8 Pro Series Launch : 17 मार्च को भारत में मचेगी धूम, लॉन्च होंगे पोको के दो पावरफुल 5G फोन

Realme Narzo Power 5G : 10,001mAh की महाबली बैटरी, भारत का सबसे पतला फोन, जानिए क्या है कीमत

अगला लेख