sawan somwar

भारत का 20 लाख साल पुराना इतिहास देखेंगे?

Webdunia
मंगलवार, 2 जनवरी 2018 (12:16 IST)
मुंबई में भारत के 20 लाख सालों के इतिहास से जुड़ी एक प्रदर्शनी लगी है। इस प्रदर्शनी को नाम दिया गया- इंडिया एंड वर्ल्डः ए हिस्ट्री इन नाइन स्टोरीज़। यहां 228 मूर्तियों, बर्तनों और तस्वीरों को इनके समय के अनुसार नौ वर्गों में बांटा गया है।
 
मुंबई से सबसे बड़े म्यूज़ियम छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय में 11 नवंबर से शुरू हुई यह प्रदर्शनी 18 फरवरी 2018 तक चलेगी। इसके बाद दिल्ली में ये प्रदर्शनी सजेगी।
 
संग्रहालय के निदेशक सब्यसाची मुखर्जी के मुताबिक, "प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत और बाकी दुनिया के बीच संबंध तलाशना और तुलना करना है।" इस संग्रह में 100 से अधिक कलाकृतियां शामिल हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास के महत्वपूर्ण पड़ावों को दर्शाती हैं।
 
सालों पहले दुनिया के दूसरे कोनों में क्या हो रहा था, प्रदर्शनी में इसकी झलक भी मिलती है। प्रदर्शनी में 124 ऐसी वस्तुएं शामिल की गई हैं, जिन्हें लंदन के म्यूज़ियम से लाया गया है और ये पहली बार म्यूज़ियम से बाहर निकली हैं।
 
ऊपर तस्वीर में दिख रहा 'बलूचिस्तान पॉट' (3500-2800 ईसा पूर्व) टेराकोटा से निर्मित है। यह मेहरगढ़ में मिला था। अब पाकिस्तान में स्थित बलूचिस्तान प्रांत में स्थित नवपाषाण स्थल है। इस क्षेत्र में मिले अन्य बर्तनों की तरह ही यह कई रंगों से रंगा है। कई रंगों में रंगने की कला प्राचीन संस्कृति में आम थी।
 
खाना पकाने और सामान रखने के साथ ही इनका इस्तेमाल पारंपरिक रस्मों में भी किया जाता था। ऐसे मर्तबान कब्र में भी पाए गए।
सोने के सींगों वाला बैल (1800 ईसा पूर्व) उत्तर भारत और पाकिस्तान से जुड़े प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता से है। यह बैल हरियाणा में मिला था। पश्चिमी एशिया में सींग को सुनहरा करने का चलन आम था।
 
बेसाल्ट पत्थर (250 ईसा पूर्व) पर खुदा सम्राट अशोक का एक आदेश, जिन्होंने प्राचीन भारत के अधिकांश भूभागों पर राज किया था। यह टुकड़ा मुंबई के पास सोपारा इलाके से है।
 
यह प्रतिमा बिहार की राजधानी पटना में मिली, जहां कई शक्तिशाली राजाओं ने राज किया।
 
बुद्ध की यह प्रतिमा 900 से 1000 ईसवी के बीच तमिलनाडु से मिली थी। बुद्ध को शांति, बुद्धि और जागरुकता का प्रतीक माना गया है। चोल वंश के दौरान यह बौद्ध दर्शन के प्रमुख केंद्रों में से था। बुद्ध के सिर पर लौ उनकी बुद्धि का प्रतीक है।
मुगल शासक जहांगीर की तस्वीर, जिसमें वो अपने हाथों में मरियम की तस्वीर लिए हैं। इसे वॉटरकलर और सोने की मदद से कागज पर उकेरा गया है। प्रदर्शनी में ये तस्वीर उत्तर प्रदेश से लाई गई है। मुगल सम्राट जहांगीर की वो चित्र, जिसे डच आर्टिस्ट रेम्ब्रांदट ने बनाया था।
 
लकड़ी का चरखा अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारत की आज़ादी की लड़ाई का शक्तिशाली प्रतीक बन गया था। इसे महात्मा गांधी ने भारतीयों में आत्मनिर्भर होने की भावना जगाने के लिए अपनाया था। उन्होंने स्वराज, स्वशासन और ब्रिटिश सामानों के बहिष्कार करने के लिए लोगों से इसे रोज कातने की सलाह दी और प्रोत्साहित किया था।
 
इस चरखे को मुंबई की मणि भवन से लाया गया है, जो 17 सालों तक महात्मा गांधी के राजनीतिक आंदोलन का मुख्यालय रहा।
 
ये प्रदर्शनी सीएसएमवीएस, मुंबई और नेशनल म्यूज़ियम दिल्ली और ब्रिटिश म्यूज़ियम लंदन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

क्या होती है फ्लैश फ्लड? क्यों पहाड़ों से अचानक आता है बर्बादी का सैलाब और नेपाल प्रलय से भारत क्यों है अलर्ट पर

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल का आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

नितिन गडकरी का संन्यास वाला बयान संगठन के बाद सरकार में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत?

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

iPhone 18 Pro और Pro Max की एंट्री सितंबर में! Apple ला सकता है अपना पहला फोल्डेबल iPhone

Google Pixel 11 Series Launch की लॉन्चिंग डेट, कन्फर्म 7 साल के अपडेट के साथ आएंगे नए Pixel फोन

Apple Foldable iPhone : इस साल आ सकता है Apple का पहला फोल्डेबल iPhone, 12GB RAM और 5800mAh बैटरी समेत मिल सकते हैं ये फीचर्स

अगला लेख