Publish Date: Wed, 22 Mar 2017 (11:44 IST)
Updated Date: Wed, 22 Mar 2017 (11:46 IST)
ऊंची एड़ी के जूतों यानी हाई हील का अविष्कार घुड़सवारी के दौरान रकाब से फिसलने से बचने के लिए किया गया था। लेकिन इनदिनों ये हाई हील्स ब्रितानी संसद में चर्चा का विषय बनी हुई हैं कि कार्यस्थल पर ऊंची एड़ी पहनना ज़रूरी होना चाहिए या नहीं। किशोर अवस्था में मुझे लगता था कि ऊंची एड़ी वयस्क होने का प्रतीक होती हैं। ग्लैमरस एक्ट्रेस, पॉप स्टार और सुपरमॉडल हमेशा ही ऊंची एड़ी के जूते पहने रहते हैं। मुझे लगता था कि जब आप हील पहनती हैं तो आप एक लड़की नहीं बल्कि असली औरत बन जाती हैं।
लड़कों के नज़रिए से देखूं तो गलत हूं?
अब जब मुझे लगता है कि मैं बड़ी हो चुकी हूं और मैंने अपनी समझ के मुताबिक़ ऊंची एड़ी के जूते पहनना बंद कर दिए। मैंने बेवकूफी भरे फैशन नियमों का पालन बंद कर दिया है और सोचने लगी हूँ कि ये सब किसके लिए कर रही थी। ख़ैर इससे क्या फर्क पड़ता है। सिर्फ ऊंची एड़ी के जूते पहनने भर से आख़िर कोई मेरे साथ अलग तरह का बर्ताव क्यों करेगा?
हाई हील के असर का टेस्ट
मैंने सोचा कि क्यों न अपने नए बीबीसी शो 'पुटिंग इट आउट देयर' में इस बात को परखा जाए कि क्या जब मैं हाई हील पहनती हूं तो क्या पुरुषों का व्यवहार मेरे लिए बदल जाता है? ये प्रयोग मूल रूप से फ्रेंच समाजशास्त्री निकोलस ग्यूगेन की तरफ से किया गया।
करना ये था कि मुझे हाथ में एक पेपर लेकर रिसर्चर के तौर पर सड़क पर घूमना था। पहले बिना एड़ी वाले जूतों में फिर पांच इंच की ऊंची एड़ी के जूतों में, जिसमें मुंह के बल गिरने का ख़तरा था। पहले मैं सड़क पर अपने बोरिंग से फ्लैट यानी बिना हील वाले जूते पहनकर निकली और वॉशिग मशीन पर एक सर्वे करने लगी।
मर्दों के बर्ताव में फर्क
बहुत ही कम पुरूष मेरे उबाऊ सवालों के जवाब देने के इच्छुक नज़र आए। तो इससे मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। अब मुझे ऊंची एड़ी के जूते पहन कर ठीक इसी तरह सड़क पर उतरना था। कार्नेबी स्ट्रीट पर मेरे दोबारा एंट्री के तीन सेकंड के अंदर ही मुझे एक लड़का मिला जिसने मेरे हर सवाल का जवाब देने में दिलचस्पी दिखाई।
पुरूष बात करने के लिए लाइन में लग रहे थे, मुझे इस फर्क पर यक़ीन नहीं हुआ। यहां तक कि मेरे साथ टीम के लोग भी हैरानी से हंस रहे थे कि कैसे एक के बाद एक पुरूष मुझसे बात करने आ रहे थे। और ये सब सिर्फ मेरे जूते बदलने के बाद हुआ। अध्ययनों से पता चला है कि ऊंची एड़ी हमारे स्त्रीत्व लक्षणों को ज़्यादा स्पष्ट कर देती है। जैसे छोटे-छोटे क़दम लेना और कमर को लहराना।
हाई हील का असर दिमाग़ पर
जो पुरुष मेरे पास आए उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि मैंने हील्स पहनी हैं। इसके बाजजूद सोचा यही जाता है कि मैं जितनी सेक्सी लगूँगी, उतने ही मर्द मुझसे बात करने आएँगे। लेकिन शायद ये ऊंची एड़ी पर मिलने वाली प्रतिक्रिया न हो। हो सकता कि ऊँची एड़ी पहनने के बाद मेरे हावभाव में बदलाव की वजह से वो आए हों।
जब मैं हील्स पहनती हूं तो मेरे दिमाग़ पर विक्टोरिया सीक्रेट की मॉडल की छवि का जादू सा चलने लगता है जो सेक्स अपील से भरी है।
सांस्कृतिक परिवेश की वजह से मैं ऊंची एड़ी के जूतों को ग्लैमर, कामुकता और स्त्रीत्व से जोड़कर देखती आई हूँ। मैं जब ऊंची एड़ी पहनती हूं तो ख़ुद को ज़्यादा सेक्सी और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करती हूं।हो सकता है कि पुरुष इसी वजह से प्रतिक्रिया देते हैं।
निष्कर्ष: ऊंची एड़ी को फेंकों और अपने दिमाग़ को इस तरह केन्द्रित करो कि ये यक़ीन हो जाए मैं बिना एड़ी वाले यानी फ्लैट जूतों में भी सेक्सी लगती हूं।