Publish Date: Mon, 11 Feb 2008 (16:17 IST)
Updated Date: Wed, 09 Jul 2014 (19:45 IST)
बाबा आमटे ने न केवल नर्मदा घाटी बचाव के लिए कार्य किया बल्कि उनका सपना था कि भारत का नवनिर्माण हो। हम चाहते हैं कि उनका यह सपना हर हाल में पूरा हो। मप्र के बड़वानी जिले की छोटी कसरावद क्षेत्र में बाबा ने जो 'निज बल' नामक कुटिया बनाई थी, उनकी उस कुटिया की प्रेरणा से मिला बल हमें मजबूती देगा, जिससे उनके सपने को पूरा किया जा सके।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री सुश्री मेधा पाटकर ने टेलीफोन फोन पर बातचीत में कहा कि वास्तव में बाबा ने नर्मदा आंदोलन के लिए संघर्ष कर खुद को पीड़ित लोगों के लिए संबल सिद्घ किया था। उन्होंने न केवल घाटी के लिए बल्कि हर क्षेत्र में नवनिर्माण का सपना देखा।
उन्होंने कहा कि साइंटिफिक हो या डिस्कवरी का विषय बाबा की प्रतिक्रिया हमेशा तैयार रहती थी। बाबा सत्याग्रह स्थल निज बल से तभी हटे जब वे बीमार हो गए।
लोगों ने आरोप लगाया था कि मुआवजे के लिए नहीं हट रहे हैं, जबकि बड़वानी का हर व्यक्ति जानता है कि निज बल नामक कुटिया लोगों ने सहयोग से बनाई। हम बाबा को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दे सकेंगे जब नर्मदा घाटी का संरक्षण हो और बाबा के सपनों के अनुसार उसका नवनिर्माण हों।