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रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा होगी और मजबूत, तैनात होंगे NSG के अचूक निशानेबाज

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Ayodhya Ram Mandir NSG Security
Ayodhya Ram Mandir NSG Security: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और पूरे धाम की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो और स्नाइपर्स की तैनाती की जा रही है। 24 से 29 सितंबर के दौरान NSG कमांडो ने मंदिर परिसर में लगातार समीक्षा बैठकें कीं और 3 दिनों तक चले मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थितियों व विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय को परखा। यूपी पुलिस, पीएसी और विशेष सुरक्षा बल (SSF) के साथ अब NSG के आने से अयोध्या का सुरक्षा घेरा पूरी तरह अडिग हो जाएगा।

कनक भवन में रेकी और स्नाइपर्स की तैनाती की योजना

​कनक भवन में अचूक निशाने वाले स्नाइपर्स तैनात करने की योजना पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। इसके लिए NSG कमांडो की टीम ने कनक भवन परिसर का एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से जायजा लिया। कर्मचारियों से बातचीत कर श्रद्धालुओं के प्रवेश, निकास और आपातकालीन रास्तों की जानकारी जुटाई गई। टीम ने छत से पूरे नगर का निरीक्षण किया और कनक भवन से राम मंदिर व हनुमानगढ़ी की दूरी और दृश्यता का सटीक आकलन किया।

₹16.90 करोड़ की 65 एकड़ जमीन NSG को मुफ्त

​अयोध्या में NSG का क्षेत्रीय हब स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। ​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखान गांव स्थित 26 हेक्टेयर (लगभग 65 एकड़) बंजर भूमि को केंद्रीय गृह मंत्रालय को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। बाजार में इस जमीन की कीमत ₹16.90 करोड़ आंकी गई है, जिसे पूरी तरह निशुल्क दिया जा रहा है। 

​अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्या कहना है?

​क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष तिवारी के मुताबिक, NSG कमांडो का यह दौरा नियमित मॉक ड्रिल का हिस्सा है। किसी विशेष खतरे का इनपुट नहीं है, लेकिन अयोध्या की संवेदनशीलता को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। कनक भवन कर्मचारी घनश्याम ने बताया कि NSG टीम के साथ ATS के जवान, रामजन्मभूमि थाना पुलिस और कटरा चौकी इंचार्ज भी निरीक्षण में शामिल रहे।

​क्यों खास होते हैं स्नाइपर्स?

स्नाइपर सेना या अर्धसैनिक बलों के वे विशेष प्रशिक्षित जवान होते हैं जिनका निशाना अचूक होता है। आधुनिक राइफलों, हाई-मैग्निफिकेशन ऑप्टिक्स और दूरबीन उपकरणों से लैस ये जवान न केवल दूर से सटीक निशाना साध सकते हैं, बल्कि सामरिक खुफिया जानकारी भी कमांड मुख्यालय तक पहुंचाते हैं।

​अयोध्या में कब-कब हुईं साजिश?

​प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बढ़ती संवेदनशीलता और आतंकी संगठनों की आधुनिक तकनीकों को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है- 
  • ​5 जुलाई 2005 (प्रत्यक्ष हमला) : लश्कर-ए-तैयबा के 5 आतंकवादियों ने राम जन्मभूमि परिसर पर हमला किया था, जिन्हें CRPF के जवानों ने मार गिराया था।
  • ​2001 व 2014 : जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों द्वारा अयोध्या, काशी व मथुरा को निशाना बनाने की साजिशों का खुलासा।
  • ​वर्ष 2025 (मार्च व नवंबर) : ATS और NIA ने अयोध्या को दहलाने की साजिश रच रहे स्लीपर सेल के संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ी साजिशों को नाकाम किया था।

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