Hanuman Chalisa

हनुमान, समस्त मनोकामना पूर्ण करने वाले देवता

हमेशा मंगल ही करते है रामभक्त हनुमान

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
रामभक्त हनुमान जैसा कोई दूसरा इस पृथ्वी पर नहीं। भक्त तो कई होंगे, लेकिन जो बात रुद्र अवतार हनुमानजी में है वह और किसी में नहीं।


 

अंजनि पुत्र हनुमानजी का जन्म मंगलवार को हुआ इसीलिए कहते हैं कि मंगल को जन्मे हनुमान सदैव मंगल ही करने वाले हैं। कहते हैं, देवताओं के राजा इन्द्र ने भक्त हनुमान पर वज्र से प्रहार किया था जिसके चलते हनुमानज‍ी की ठुड्डी (हनु) टूट गई थी जिसके कारण उन्हें 'हनुमान' कहा जाता है।

क्या आप जानते हैं कि हनुमानजी हमेशा सिन्दूरिया रंग में ही क्यों दिखाई देते हैं? एक बार बचपन में हनुमानजी ने अपनी मां को मांग में सिन्दूर लगाते हुए देखकर कारण पूछा। उनकी मां ने कहा कि वे अपने प्रभु यानी अपने पति को खुश करने और उनकी लंबी आयु के लिए अपनी मांग में सिन्दूर लगाती हैं।

इसलिए हनुमानजी ने सोचा कि जब चुटकीभर सिन्दूर से ही मां के भगवान प्रसन्न हो सकते हैं तो मैं अपने पूरे शरीर को सिन्दूर से रंग लेता हूं, तभी से हनुमानजी ने सिन्दूर लगाना शुरू कर दिया।

FILE


हनुमानजी बुद्धि और बल के दाता हैं। उत्तरकांड में भगवान राम ने हनुमानजी को प्रज्ञा, धीर, वीर, राजनीति में निपुण आदि विशेषणों से संबोधित किया है। हनुमानजी को मनोकामना पूर्ण करने वाला देवता माना जाता है इसलिए मन्नत मानने वाले अनेक स्त्री-पुरुष हनुमान की मूर्ति की श्रद्धापूर्वक निर्धारित प्रदक्षिणा करते हैं।

किसी कन्या का विवाह न हो रहा हो तो उसे ब्रह्मचारी हनुमान की उपासना करने को कहा जाता है।

चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। प्रायः शनिवार व मंगलवार हनुमानजी के दिन माने जाते हैं। इस दिन हनुमानजी की प्रतिमा को सिन्दूर व तेल अर्पण करने की प्रथा है। हनुमानजी को प्रसाद में गुड़-चना सबसे अधिक प्रिय है। कहीं-कहीं खांड व चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

यदि आपकी कोई समस्या हो तो पहले शुद्ध होकर एक खुशबूदार अगरबत्ती लगाएं व पीले फूल चढ़ाकर एक वजनी पत्थर रख अपनी समस्या बताकर कहें कि मेरी समस्या का समाधान होने पर पत्थर के वजन का सवाया प्रसाद चढ़ाऊंगा। जब तक आपकी समस्या हल न हो जाए, तब तक उस पत्थर को वहीं रहने दें।


FILE


चमत्कारी हनुमान मंत्र

वैसे तो हनुमानजी को अपनी पूजा करवाना पसंद नहीं है। वे रामभक्त होने से राम को ही प्राथमिकता देते हैं, फिर भी मंत्र इस प्रकार है-

सर्व सिद्धिदायक हनुमान मंत् र

हनुमान्माला मंत्र :

श्री हनुमानजी के सम्मुख इस मंत्र का 51 बार पाठ करें और भोजपत्र पर इस मंत्र को लिखकर पास में रख लें तो सर्व कार्यों में सिद्धि मिलती है।

* 'ॐ वज्र-काय वज्र-तुण्ड कपिल-पिंगल ऊर्ध्व-केश महावीर सु-रक्त-मुख तडिज्जिह्व महा-रौद्र दंष्ट्रोत्कट कह-कह करालिने महा-दृढ़-प्रहारिन लंकेश्वर-वधायमहा-सेतु-बंध-महा-शैल-प्रवाह-गगने-चर एह्येहिं भगवन्महा-बल-पराक्रम भैरवाज्ञापय एह्येहि महारौद्र दीर्घ-पुच्छेन वेष्टय वैरिणं भंजय-भंजय हुँ फट्।।'


FILE


एक और प्रसिद्ध मंत्र :

इस मंत्र का नित्य प्रति 108 बार जप करने से सिद्धि मिलती है-

* 'ॐ एं ह्रीं हनुमते रामदूताय लंका विध्वंसनपायांनीगर्भसंभूताय शकिनी डाकिनी विध्वंसनाय किलि किलि बुवुकरेण विभीषणाय हनुमद्देवाय ॐ ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां फट् स्वाहा।'

* 'ॐ ह्रौं हस्फ्रें ख्फ्रें हस्त्रौं हस्ख्फें हसौं हनुमते नमः।'
( om hem shreem hraam hreem hroom hasfrem khfrem hastraum haskhfrem hasaum Hanumate namah)

इस मंत्र का 21 दिनों तक 12 हजार जप प्रतिदिन करें फिर दही, दूध और घी मिलाते हुए धान की दशांश आहुति दें। यह मंत्र सिद्ध होकर पूर्ण सफलता देता है।

मंत्र जप में विशेष ध्यान में रखने वाली बात यह है कि पूर्णरूप से ब्रह्मचारी रहकर जप करना चाहिए।


वेबदुनिया पर पढ़ें

Show comments

ज़रूर पढ़ें

हनुमानजी के 10 चमत्कारी मंदिर, तस्वीरों में करें दिव्य दर्शन

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

सभी देखें

नवीनतम

14 अप्रैल 2026 से सोलर नववर्ष होगा प्रारंभ, क्या है यह?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (4 अप्रैल, 2026)

04 April Birthday: आपको 04 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 अप्रैल 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Vaishakh maas 2026: वैशाख मास प्रारंभ, जानें इस विशेष माह की 10 खास बातें