Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 (18:05 IST)
Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 (16:27 IST)
आज आपका दिन मंगलमय हो!
Today Shubh Muhurat 17 July 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 17 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
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आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
17 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल तृतीया/चतुर्थी तिथि है। साथ ही आज विनायक चतुर्थी व्रत है और सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे कर्क संक्रांति (पुण्यकाल) का विशेष महत्व बन रहा है।
मुख्य पंचांग विवरण (17 जुलाई 2026, शुक्रवार)
विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)
शक संवत: 1948 (कीलकर)
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: तृतीया: सुबह 06:50 तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
नक्षत्र: मघा नक्षत्र शाम 06:33 तक, उसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र।
योग: व्यतीपात योग रात 10:17 तक, उसके बाद वरीयान योग।
करण: गर (सुबह 06:50 तक), फिर वणिज (शाम 05:49 तक), उसके बाद विष्टि (भद्रा)।
सूर्योदय: सुबह 05:34
सूर्यास्त: शाम 07:20
सूर्य गोचर: सूर्य देव आज कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं (कर्क संक्रांति)।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
इस दिन विनायक चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा के लिए दोपहर का समय सबसे उत्तम माना जाता है:
अभिजित मुहूर्त (सामान्य शुभ कार्य): दोपहर 11:59 से 12:54 तक।
विनायक चतुर्थी गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11:03 से दोपहर 01:46 तक (इस बीच पूजा करना अत्यंत फलदायी है)।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:12 से 04:53 तक।
दिन का चौघड़िया (Shubh Choghadiya)
चर (सामान्य) चौघड़िया: सुबह 05:34 से 07:17 तक
लाभ चौघड़िया: सुबह 07:17 से 09:00 तक
अमृत चौघड़िया: सुबह 09:00 से 10:44 तक
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:27 से 02:10 तक
अशुभ समय (राहुकाल एवं भद्रा)
शुभ कार्यों के नियोजन के समय इन अशुभ अवधियों का ध्यान रखें:
राहुकाल: सुबह 10:44 से दोपहर 12:27 तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
भद्रा: शाम 05:49 से अगले दिन (18 जुलाई) सुबह 04:51 तक। भद्रा के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य शुरू न करें।
दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल होता है। यदि यात्रा ज़रूरी हो, तो जौ या राई खाकर निकलें।
About Writer
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।
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