Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 (18:04 IST)
Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 (14:33 IST)
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
10 जुलाई 2026, शुक्रवार का पंचांग, मुख्य व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं। इस दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।
आज का मुख्य पंचांग (10 जुलाई 2026)
दिन/वार: शुक्रवार
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी तिथि सुबह 08:58 तक है, इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी जो अगले दिन (11 जुलाई) सुबह 06:54 तक रहेगी। (उदयातिथि के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत आज ही रखा जाएगा)
नक्षत्र: भरणी नक्षत्र दोपहर 01:46 तक, उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र।
योग: शूल योग रात 01:49 (11 जुलाई) तक, इसके बाद गण्ड योग।
करण: विष्टि (भद्रा) सुबह 08:58 तक, उसके बाद बव करण रात 08:58 तक।
चंद्र राशि: मेष राशि में शाम 07:53 तक, इसके बाद वृषभ राशि (Taurus) में प्रवेश।
सूर्य राशि: मिथुन (Gemini)
आज के विशेष व्रत, त्योहार और पर्व
योगिनी एकादशी व्रत: आषाढ़ कृष्ण एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री नारायण (विष्णु जी) की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और उसे समस्त सुखों की प्राप्ति होती है।
अवतार मेहेर बाबा मौन पर्व: आध्यात्मिक गुरु मेहेर बाबा के अनुयायियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। मेहेर बाबा ने 10 जुलाई 1925 से आजीवन मौन धारण किया था, इसलिए उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए आज 'मौन दिवस' मनाया जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:31
सूर्यास्त: शाम 07:22
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार हैं:
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ): दोपहर 11:59 से 12:54 तक। (भद्रा समाप्त होने के बाद इस समय में शुभ कार्य किए जा सकते हैं)
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:26 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:10 से 07:31 तक।
अमृत काल: सुबह 09:12 से 10:48 तक।
आज के अशुभ समय (इनसे बचें)
राहुकाल और भद्रा के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत या यात्रा करने से बचना चाहिए:
राहुकाल (सबसे अशुभ समय): सुबह 10:43 से दोपहर 12:26 तक। (इस काल में कोई भी नया कार्य शुरू न करें)
भद्रा (अशुभ समय): सुबह 05:31 से 08:58 तक भद्रा रहेगी। भद्रा में शुभ कार्य पूर्णतः वर्जित होते हैं।
यमगण्ड काल: दोपहर 03:55 से शाम 05:39 तक।
About Writer
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।
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