Hanuman Chalisa

महंगे रत्न नहीं खरीद सकते हैं तो जानिए रत्नों के उपरत्न एवं वनस्पति के बारे में

पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का महत्वपूर्ण स्थान है। ज्योतिष शास्त्रानुसार प्रत्येक ग्रह का एक प्रतिनिधि रत्न होता है जो उस ग्रह के शुभ प्रभाव में वृद्धि करने एवं उसके अशुभ प्रभाव का शमन करने में सक्षम होता है। जब किसी जातक की कुण्डली में कोई शुभ ग्रह निर्बल या अस्त होता है तो उस ग्रह के बल में वृद्धि करने हेतु दैवज्ञ उस ग्रह के प्रतिनिधि रत्न को धारण करने का परामर्श देते हैं जबकि कुंडल के अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव को शांत करने हेतु उस ग्रह के प्रतिनिधि रत्न का दान किया जाता है। 
 
रत्न विज्ञान एक वृहद विषय है जिसकी सम्पूर्ण जानकारी प्राय: सभी को नहीं होती वहीं रत्नों की परख करना भी एक दुष्कर कार्य होता है। आज के व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के दौर में असली रत्नों के स्थान पर नकली व आर्टिफिशियल रत्नों की बहुतायत देखने को मिलती है।

असली रत्न बहुत मंहगे होने के कारण हर किसी की क्रयशक्ति में नहीं होते ऐसे में अक्सर आम जनमानस नकली,आर्टिफिशियल व सिंथेटिक रत्नों से धोखा खा जाते हैं जिनका ज्योतिषीय आधार पर कोई महत्व नहीं होता चाहे वे दिखने में कितने ही सुन्दर क्यों ना लगे। 
 
ऐसे में आम आदमी के मन में संशय होता है कि आखिर ग्रहों के बल में वृद्धि करने के लिए क्या किया जाए? ज्योतिष शास्त्र में इस शंका का बहुत ही सटीक समाधान दिया गया है, जब कोई रत्न किसी कारणवश धारण करना संभव नहीं हो तो उसके स्थान पर उस रत्न का उपरत्न धारण कर अथवा उसकी प्रतिनिधि वनस्पति का प्रयोग कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। 
 
उपरत्न का प्रभाव वास्तविक रत्न की तुलना में कम अवश्य होता है किन्तु होता अवश्य है। अब जनमानस के मन में दुविधा होती है कि आखिर किस रत्न का उपरत्न कौन सा है जिसे धारण कर वे लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आज हम वेबदुनिया के पाठकों को रत्नों के उपरत्न व उनकी प्रतिनिधि वनस्पति के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि किस ग्रह हेतु कौन सा रत्न प्रतिनिधि रत्न होता है एवं उस रत्न का उपरत्न कौन सा है व उस ग्रह की प्रतिनिधि वनस्पति कौन सी है-
 
ग्रह प्रतिनिधि रत्न उपरत्न वनस्पति
सूर्य माणिक्य तामड़ा (Garnet)/कंटकिज़ (Spinel) आक (अकाव) की जड़
चन्द्र मोती चन्द्रमणि खिरनी की जड़
मंगल मूंगा विद्रूम/संगमूंगी जटामांसी
बुध पन्ना ओनेक्स (onyx) विधारा की जड़
गुरु पुखराज सुनहला/सुनैला केले की जड़/हल्दी गांठ
शुक्र हीरा सफेद जरकन (White zircon)/सफेद ओपल (White Opal) गूलर की जड़
शनि नीलम नीली/नीलमणि (Aquamarine) शमी की जड़
राहु गोमेद फ़िरोजा गजदंत (हाथीदांत)
केतु लहसुनिया लाजवर्त कुशा
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

Mahavir Jayanti: महावीर जयंती 2026: भगवान महावीर के उपदेश और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली

मंगल का कुंभ राशि में उदय 2026: इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं परेशानियां

मंगल का कुंभ राशि में उदय 2026: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

नवीनतम

02 अप्रैल से बनेगा विस्फोटक योग, जानिए 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 5 अचूक उपाय

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा कब है क्या महत्व है इस दिन का और क्या करें इस दिन?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 मार्च, 2026)

30 March Birthday: आपको 30 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 मार्च 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख