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Astrology: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर कर लिए यदि 2 काम को उन्नति, धन-दौलत को कोई नहीं रोक सकता

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Brahma Muhurt : प्रतिदिन जो व्यक्ति सुबह 4 से 5.30 बजे के बीच उठता है, तो इसे ब्रह्म काल या ब्रह्म मुहूर्त में जागना कहते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म का अर्थ परमात्मा और मुहूर्त का मतलब समय से है। कहने का तात्पर्य यह हैं कि यदि आप रोजाना इसी समय उठते हैं तो यह ब्रह्म मुहूर्त में यानी परमात्मा के समय में जागना कहलाता है। 
 
आइए यहां जानते हैं ब्रह्म समय में कौन-कौन से 2 कार्य करने से अथाह धन-दौलत की प्राप्ति और उन्नति होती है :- 
 
1. पूजा-पाठ/प्रार्थना : जी हां, यह सच हैं कि यदि आप सूर्योदय से पहले या ब्रहम समय में जाग कर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं तो निश्चित ही इस मुहूर्त में की गई प्रार्थना से सफलता प्राप्त होती है। इतना ही नहीं ब्रह्म काल की शुद्ध, स्वच्छ और पवित्र हवा से जहां स्वास्थ्य को लाभ मिलता है, वहीं धन-दौलत तथा संपत्ति में भी वृद्धि होती है। 
 
2. मंत्र और हथेली दर्शन- हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा-अर्चना, ध्यान तथा प्रार्थना अवश्य ही सफल होती है और दिन शुभ व्यतीत होता है। बता दें कि ब्रह्म मुहूर्त के समय चारों ओर वातावरण पवित्र और शांतिमय होता है तथा इस समय देवी-देवता विचरण कर रहे होते हैं।

अत: इस समय नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करके निम्न मंत्र का जाप करने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है तथा हथेली दर्शन करने से सभी देवी-देवताओं के दर्शन हो जाते है। और निम्न मंत्रों से जहां ग्रह बाधा शंत होती है, वहीं धन की देवी लक्ष्मी और विद्या की देवी सरस्वती की अपार कृपा हम पर बरसती हैं और हमें उन्नति मिलने तथा धनवान बनने से कोई नहीं रोक सकता है।  
 
सर्वग्रह शांति मंत्र- 
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।
 
हथेली दर्शन मंत्र- 
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविंद: प्रभाते करदर्शनम् ।।
 
आरके. 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इनसे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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