Daily Horoscope
✕

राहुकाल का सच: क्या यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे है वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार?

अनिरुद्ध जोशी
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 (16:03 IST)
भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में 'राहुकाल' एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही लोग सहम जाते हैं। नया व्यापार शुरू करना हो, गृह प्रवेश हो, या गाड़ी खरीदनी हो- अक्सर लोग राहुकाल की घड़ी को टाल देते हैं। लेकिन क्या इसके पीछे वाकई कोई वैज्ञानिक या खगोलीय आधार है, या यह सिर्फ सदियों से चला आ रहा एक अंधविश्वास है? आइए इसके पीछे के गणित, खगोल विज्ञान और मनोविज्ञान को समझते हैं।
ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क?

1. खगोलीय सच: कोई ठोस ग्रह नहीं हैं राहु और केतु 

खगोल विज्ञान (Astronomy) के नजरिए से देखें, तो अंतरिक्ष में मंगल, बुध या शनि की तरह 'राहु' और 'केतु' नाम का कोई भौतिक या ठोस ग्रह नहीं है।
गणितीय बिंदु (Mathematical Nodes): पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है और चंद्रमा पृथ्वी के। अंतरिक्ष में जिस दो बिंदुओं पर चंद्रमा और पृथ्वी की कक्षाएं (Orbits) एक-दूसरे को काटती हैं, उन इमेजिनरी इंटरसेक्शन पॉइंट्स (Intersection Points) को ज्योतिष में 'राहु' और 'केतु' कहा गया है।
ग्रहण का कारण: जब सूर्य या चंद्रमा इन बिंदुओं के पास आते हैं, तभी सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण होता है। चूंकि ये बिंदु सूर्य की रोशनी को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं, इसलिए इन्हें 'छाया ग्रह' (Shadow Planets) कहा गया।
 

2. राहुकाल का गणित: यह कैसे तय होता है?

 

3. ऊर्जा का खेल या अंधविश्वास? (The Energy Dynamics)

इसे अंधविश्वास की जगह 'ऊर्जा के असंतुलन' के नजरिए से समझा जा सकता है:
नकारात्मक प्रभाव: वैदिक विज्ञान के अनुसार, राहुकाल के दौरान सौरमंडल में कॉस्मिक किरणें (Cosmic Rays) और चुंबकीय ऊर्जा (Magnetic Energy) कुछ इस तरह विचलित होती हैं कि इसका सीधा असर इंसानी दिमाग और निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) पर पड़ता है।
अशुभ नहीं, 'भटकाव' का समय: राहु का स्वभाव है 'भ्रम' (Illusion) पैदा करना। माना जाता है कि इस 90 मिनट की अवधि में व्यक्ति का मानसिक संतुलन थोड़ा अस्थिर हो सकता है, जिससे गलत फैसले लेने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इस समय नए और महत्वपूर्ण कामों को शुरू करने से मना किया जाता है, ताकि नुकसान न हो।
 

4. राहुकाल क्या है?

परिभाषा: राहु एक अशुभ छाया ग्रह है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बांटने पर, जिस 90 मिनट (डेढ़ घंटे) के भाग पर राहु का आधिपत्य होता है, उसे राहुकाल कहते हैं।
 
नियम: यह स्थान और सूर्योदय के समय के अनुसार बदलता है। राहुकाल केवल दिन में मान्य होता है, रात में नहीं। इसका विशेष प्रभाव रविवार, मंगलवार और शनिवार को होता है।
 

दिनों के अनुसार राहुकाल का समय (यदि सूर्योदय सुबह 6 बजे हो)

सोमवार: सुबह 7.30 से 9.00 बजे तक
शनिवार: सुबह 9.00 से 10.30 बजे तक
शुक्रवार: सुबह 10.30 से दोपहर 12.00 बजे तक
बुधवार: दोपहर 12.00 से 1.30 बजे तक
गुरुवार: दोपहर 1.30 से 3.00 बजे तक
मंगलवार: दोपहर 3.00 से शाम 4.30 बजे तक
रविवार: शाम 4.30 से 6.00 बजे तक
 

राहुकाल में क्या न करें?

प्रतिबंधित कार्य: विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, यज्ञ या कोई भी मांगलिक कार्य न करें।
लेन-देन व व्यापार: नया बिजनेस शुरू न करें, लिखा-पढ़ी, बहीखाता या कीमती सामान (मकान, वाहन, मोबाइल, गहने) की खरीद-बिक्री से बचें।
यात्रा: किसी जरूरी या घूमने के काम के लिए यात्रा की शुरुआत इस समय न करें।
मान्यता: इस काल में शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आती हैं, अत्यधिक प्रयास करने पड़ते हैं या वे अधूरे रह जाते हैं।
 

राहुकाल के अचूक उपाय

यदि इस समय कोई जरूरी काम या यात्रा करना अनिवार्य हो, तो ये उपाय करें:
यात्रा के लिए: घर से निकलने से पहले पान, दही या कुछ मीठा खाएं और पहले 10 कदम उल्टे (पीछे की ओर) चलें।
शुभ कार्य के लिए: कार्य शुरू करने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें और पंचामृत ग्रहण करें।
 

5. आधुनिक दृष्टिकोण: राहुकाल को कैसे देखें?

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

नवीनतम

20 October Birthday: आपको 20 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 अक्‍टूबर, 2026)

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें काम

शुक्र का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश: सूर्य-शुक्र युति से 12 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

सूर्य गोचर 2026: तुला राशि में प्रवेश से दिवाली पर इन राशियों को मिलेगा बड़ा सरप्राइज

अगला लेख