Publish Date: Fri, 23 Feb 2018 (16:01 IST)
Updated Date: Fri, 23 Feb 2018 (16:25 IST)
तारा टूटते हुए देखने संबंध मान्यताएं कई प्रकार की है। अलग अलग देशों में इसको लेकर भिन्न भिन्न मान्यताएं प्रचलित है। कहीं पर इसे शुभ तो कहीं पर इसे अशुभ माना जाता है। आओ जानते हैं किस तरह की मान्यताएं प्रचलित है। यहा यूं कहें कि यह एक प्राचीन अंधविश्वास है जो पहली सदी से चला आ रहा है।
क्या टूटते हैं तारे?
दरअसल, कोई तारा नहीं टूटता है। देखने से ऐसा आभासित होता है कि तारा टूटा जबकि तारा अपने आप में एक विशालकाय सूर्य होता है। इस सूर्य का टूटता तो भयावह होता है। लेकिन हमें जो कभी-कभी टूटते हुए दिखाई देते हैं वह तारे नहीं गैसीय पिंड या उल्कापिंड होते हैं। लाखों उल्कापिंड या गैस के गोले हमारे सौर मंडल में जब भ्रमण करते करते वे धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो जलकर बिखर जाते हैं। इस घटना को ही तारे टूटना कहते हैं।
मान्यनाएं
*अधिकतर जगह पर माना जाता है कि तारे के टूटने के दौरान कोई इच्छा हो तो उसे मांग लेना चाहिए। टूटते हुए तरे को देखकर कुछ मांगना और फिर यह समझना कि आपकी ये मनोकामना पूरी भी हो जाएगी, अपने आप में एक हैरान कर देने वाली बात है।
*टूटते तारे के विषय में माना जाता है आसमान से भगवान टूटते तारे के रूप में जमीन पर उतरते हैं। इसे समय हम जो भी सोचते हैं वह पूर्ण हो जाता है।
*कुछ लोग इसे अशुभता से जोड़कर देखते हैं। उनके अनुसार यदि आकाश में तारे टूटते दिखाई दें तो यह स्वास्थ्य खराब होने की सूचना होती है। इसी के साथ नौकरी में खतरा एवं आर्थिक तंगी आने का संकेत भी है।