Hanuman Chalisa

सूर्य का वार रविवार ही क्यों है, जानिए

अनिरुद्ध जोशी
हिन्दू धर्म के अनुसार रविवार भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन भी है। इस दिन उन्हीं की आराधना करना चाहिए। हिन्दू धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है। आओ जानते हैं कि रविवार को सूर्य का वार क्यों माना जाता है और इस दिन सूर्य और उसके प्रकाश का महत्व क्यों बढ़ जाता है।
 
 
1. रविवार की प्रकृति ध्रुव है। 
 
2. रविवार को सूर्य अपनी सबसे अधिक ऊर्जा लिए होता है।
 
3. जैसे पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण प्रकाशवान होता है उसी तरह रविवार के दिन सूर्य प्रकाश का अधिक होता है।
 
4. सूर्य के प्रकाश में ही हर तरह के रोग को मिटाने की क्षमता होती है।
 
6. अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए।
 
7. प्रतिदिन प्रात:काल सूर्य के समक्ष कुछ देर खड़े रहने से सभी तरह के पौषक तत्व और विटामिन की पूर्ति होने की संभावन बढ़ जाती है। यदि आप सूर्य नमस्कार करते हैं तो सोने पर सुहागा समझें।
 
8. प्राचीन काल में कई लोग सूर्य के उपासक रहे है जैसे सुग्रीव का भाई बाली, मयदानव, अंजनी पुत्र हनुमानजी, श्रीराम, कुंती पुत्र कर्ण, वराहमिहिर आदि। प्राचीन काल में सूर्य उपासना का बहुत महत्व था।
 
9. जिस तरह सावन में सोमवार का महत्व है, ठीक उसी प्रकार भादों में रविवार का महत्व है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत

नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

लिंगायत समाज के संस्थापक बसवेश्वर महाराज के बारे में 6 रोचक बातें

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

सभी देखें

नवीनतम

23 April Birthday: आपको 23 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

2025 से खतरनाक 2026 और उससे भी खतरनाक रहेगा 2027, जानिए 5 भविष्यवाणी

Festivals May 2026 मई 2026 में पड़ रहे हैं कौन-कौन से व्रत-त्‍योहार, जानिए पूरी लिस्ट

इजराइल के नेतिवोट में मधुमक्खियों का हमला: तबाही का संकेत या प्राकृतिक बदलाव?

अगला लेख