Hanuman Chalisa

श्रावण से पूर्व ही इस सोमवार को करें शिव की ऐसे पूजा, मिलेगा शुभ आशीर्वाद(12 राशि अनुसार)

Webdunia
श्रावण में भगवान शिव का नित्य अभिषेक करने से इच्छित वस्तु सुगमता से ही मिल जाती है। इस माह में किए गए अभिषेक से जातकों की कुंडली में कष्ट देने वाले ग्रह भी शुभ फल प्रदान करते हैं। श्रावण के आरंभ होने से पहले वाले सोमवार को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हर राशि के जातकों के लिए विधि बताई गई है। 
 
कैसे करें अभिषेक- भगवान सदाशिव को प्रसन्न करने के लिए ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय, लघु रूद्री से अभिषेक करें। शिवजी को बिल्वपत्र, धतूरे का फूल, कनेर का फूल, बेलफल, भांग चढ़ाकर पूजन करें।
 
मेष- शहद, गु़ड़, गन्ने का रस। लाल पुष्प चढ़ाएं।
 
वृष- कच्चे दूध, दही, श्वेत पुष्प।
 
मिथुन- हरे फलों का रस, मूंग, बिल्वपत्र।
 
कर्क- कच्चा दूध, मक्खन, मूंग, बिल्वपत्र।
 
सिंह- शहद, गु़ड़, शुद्ध घी, लाल पुष्प।
 
कन्या- हरे फलों का रस, बिल्वपत्र, मूंग, हरे व नीले पुष्प।
 
तुला- दूध, दही, घी, मक्खन, मिश्री।
 
वृश्चिक- शहद, शुद्ध घी, गु़ड़, बिल्वपत्र, लाल पुष्प।
 
धनु- शुद्ध घी, शहद, मिश्री, बादाम, पीले पुष्प, पीले फल।
 
मकर- सरसों का तेल, तिल का तेल, कच्चा दूध, जामुन, नीले पुष्प।
 
कुंभ- कच्चा दूध, सरसों का तेल, तिल का तेल, नीले पुष्प।
 
मीन- गन्ने का रस, शहद, बादाम, बिल्वपत्र, पीले पुष्प, पीले फल। 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे होगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण

सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय

सभी देखें

नवीनतम

आज से भद्र राजयोग शुरू, 5 राशियों के लिए कर्म और भाग्य के फल मिलने का खुलेगा ताला

राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को अचानक से मिलेगा धन, जल्दी से करें 2 उपाय

सिंह राशि में केतु-शुक्र का दुर्लभ योग, 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

कब है शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का पर्व?

योगिनी एकादशी व्रत रखने का महत्व और कथा

अगला लेख