Biodata Maker

श्रावण में शिव को प्रसन्न करने के लिए रखे जाते हैं 3 प्रकार के ये खास व्रत, पढ़ें प्रामाणिक विधि भी...

आचार्य डॉ. संजय
सावन के पवित्र माह में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए मुख्यत: 3 प्रकार के व्रत रखे जाते हैं। सभी व्रत में नियम से 'ॐ नम: शिवाय' का जाप करें।
 
सावन सोमवार व्रत : श्रावण मास में सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है उसे सावन सोमवार व्रत कहा जाता है।
 
सोलह सोमवार व्रत : 16 सोमवार व्रत से भगवान शिव व मां पार्वती बेहद प्रसन्न होते हैं। माना जाता है कि सावन के पवित्र माह में 16 सोमवार के व्रत प्रारंभ करने से शुभफल व मनवांछित फल प्राप्त होता है।
 
प्रदोष व्रत : सावन में भगवान शिव एवं मां पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए प्रदोष व्रत प्रदोषकाल तक रखा जाता है।
 
व्रत का संकल्प लेने के लिए शिव मंदिर में जाकर भगवान शिवलिंग को दूध चढ़ाएं व व्रत वाले दिन कम से कम में 2 बार (सुबह और सायं) भगवान शिव की प्रार्थना करें।
 
पूजा के लिए तिल के तेल का दीया जलाएं और भगवान शिव को पुष्प अर्पण करें। मंत्रोच्चार सहित शिव को सुपारी, पंच अमृत, नारियल एवं बेल की पत्तियां चढ़ाएं।
 
सावन सोमवार के व्रत के दौरान सावन व्रतकथा का पाठ अवश्य करें। यदि उपवास कर सकें तो और भी अच्छा।

ALSO READ: शिव पूजन से दूर करें समस्त ग्रह बाधाएं, अपनाएं चमत्कारिक उपाय...

ALSO READ: सावन में शिवजी को अर्पित करें 'शिवामुट्ठी' सारे कष्ट मिट जाएंगे...
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होली पर दिखेगा चंद्र ग्रहण का दुर्लभ ग्रस्तोदय नजारा, भारत के इस शहर से दिखेगा खास दृश्य

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति

Khagras Chandra Grahan 2026: खग्रास चंद्र ग्रहण का राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

सभी देखें

नवीनतम

05 March Birthday: आपको 5 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 5 मार्च 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 मार्च, 2026)

साल 2026 का अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?

Israel iran war: ब्लड मून के बाद रौद्र संवत्सर, नरसंहार का साल होगा शुरू, 5 घटनाओं को रोकना मुश्किल

अगला लेख