Publish Date: Wed, 04 Feb 2026 (17:27 IST)
Updated Date: Wed, 04 Feb 2026 (19:07 IST)
Shani aur mangal ki yuti ka fal: मंगल ग्रह 2 अप्रैल 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि शनि देव पहले से ही मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए इन दोनों क्रूर ग्रहों की युति 2 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी हो जाएगी। जब भी शनि का मंगल से संयोग होता है तो देश और दुनिया में जनविद्रोह, आंदोलन और युद्ध जैसे हालात बन जाते हैं। ऐसे में जानिए कि क्या होगा वैश्विक प्रभाव और किन राशि के लोगों को रहना चाहिए बचकर।
शनि-मंगल युति 2026 (मीन राशि)
युति का प्रारंभ: 2 अप्रैल 2026 (जब मंगल मीन राशि में प्रवेश करेंगे)।
युति का अंत: 11 मई 2026 (जब मंगल मेष राशि में चले जाएंगे)।
राशि: मीन (Pisces)।
इस युति का मुख्य प्रभाव
1. द्वंद्व योग: शनि और मंगल की इस युति को 'द्वंद्व योग' कहा जाता है। शनि अनुशासन और न्याय के देवता हैं, जबकि मंगल अग्नि और साहस के। मीन राशि (जल तत्व) में इनका मिलन मानसिक अशांति और वैचारिक मतभेद पैदा कर सकता है।
2. इन राशियों को रहना होगा सावधान: मीन, कन्या, धनु और मिथुन राशि के जातकों को इस अवधि (2 अप्रैल से 11 मई) के दौरान चोट, विवाद और गुस्से पर विशेष नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है।
3. वैश्विक प्रभाव: मीन राशि समुद्र और जल का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस समय के दौरान समुद्री तूफान या जल से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है।