Publish Date: Sat, 25 Jan 2020 (11:03 IST)
Updated Date: Fri, 24 Jan 2020 (18:24 IST)
ज्योतिष के अनुसार संक्रांति को जन्म लेने से संक्रांति दोष लगता है लेकिन कौन सी संक्रांति यह जानना भी जरूरी है। इसी तरह यह भी मान्यता है कि माता-पिता के नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक को भी नक्षत्र दोष लगता है। इसके पीछे का कारण या विज्ञान क्या है यह फिर कभी लेकिन असके उपाय जरूर जानिए।
1.संक्रांति दोष : सूर्य की 12 संक्रातियां होती हैं। उनमें से कुछ शुभ और कुछ अशुभ मानी गई हैं। ग्रहों की संक्रांतियों के नाम घोरा, ध्वांक्षी, महोदरी, मंदा, मंदाकिनी, मिश्रा और राक्षसी इत्यादि हैं। कहते हैं कि सूर्य की संक्रांति में जन्म लेने वाला दरिद्र हो जाता है इसलिए शांति करानी आवश्यक है।
उपाय- इस दोष निवारण हेतु विधि-विधान के साथ नवग्रह का यज्ञ करते हैं। उत्तरमुखी मकान में रहें और लक्ष्मी माता की पूजा करें।
2.माता-पिता के नक्षत्र में हुआ है जन्म तो करें ये उपाय
कहते हैं कि यदि माता-पिता या सगे भाई-बहन के नक्षत्र में जातक का जन्म हुआ है तो उसको मरणतुल्य कष्ट होता है, ऐसा ज्योतिष मानते हैं।
उपाय- इस दोष निवारण हेतु किसी शुभ लग्न में अग्निकोण से ईशान कोण की तरफ जन्म नक्षत्र की सुंदर प्रतिमा बनाकर कलश पर स्थापित करें फिर लाल वस्त्र से ढंककर उपरोक्त नक्षत्रों के मंत्र से पूजा-अर्चना करें फिर उसी मंत्र से 108 बार घी और समिधा से आहुति दें तथा कलश के जल से पिता, पुत्र और सहोदर का अभिषेक करें। यह कार्य किसी पंडित के सान्निध्य में विधिपूर्वक करें।
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अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।....
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