Publish Date: Fri, 26 Sep 2025 (15:31 IST)
Updated Date: Fri, 26 Sep 2025 (15:45 IST)
Remedy for delay in marriage: हर व्यक्ति के जीवन में विवाह का एक विशेष महत्व होता है। यह सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का संगम है। लेकिन कई बार ग्रहों की दशा या अन्य कारणों से विवाह में देरी या बाधाएं आने लगती हैं। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन अड़चनों को दूर करने के लिए कुछ विशेष दिन और उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं। इस साल 28 सितंबर का दिन एक ऐसा ही शुभ अवसर है, जब मां कात्यायनी की पूजा करके शीघ्र विवाह के योग बनाए जा सकते हैं।
विवाह की देवी मां कात्यायनी: हिंदू धर्म में, देवी दुर्गा के छठे स्वरूप, मां कात्यायनी , को विवाह की देवी माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए गोपियों ने मां कात्यायनी की पूजा की थी। इसलिए, जो भी व्यक्ति सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसकी विवाह संबंधी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। मां कात्यायनी की पूजा से न केवल विवाह के योग बनते हैं, बल्कि एक सुखी और सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी मिलता है।
28 सितंबर को करें ये खास उपाय: अगर आपके विवाह में कोई भी बाधा आ रही है, तो 28 सितंबर को आप ये सरल लेकिन प्रभावी उपाय कर सकते हैं:
1. शुद्धिकरण और तैयारी: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे, विशेष रूप से पीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर या पूजा स्थल को अच्छी तरह से साफ करें।
2. मां कात्यायनी की स्थापना: अपने पूजा स्थल पर मां कात्यायनी की एक छोटी मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, पीली चूड़ियां, हल्दी और केसर अर्पित करें। पीले रंग को शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
3. पूजा और मंत्र जाप: अब शुद्ध घी का दीपक जलाएं और धूप-दीप से मां दुर्गा की आरती करें। इसके बाद, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जप करें:
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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः॥
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ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
4. कन्याओं को भोजन: पूजा समाप्त होने के बाद, छोटी कन्याओं को खीर या हलवा खिलाएं और उन्हें अपनी श्रद्धा अनुसार उपहार दें। ऐसा माना जाता है कि कन्याओं को भोजन कराने और उनका सम्मान करने से मां दुर्गा अत्यंत प्रसन्न होती हैं।
5. सिंदूर और सुपारी: आप मां दुर्गा को सात लाल या पीले फूल भी चढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, एक पीले कपड़े में थोड़ा सिंदूर और कुछ सुपारी बांधकर देवी को अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
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